कानपुर। आरटीई के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को दाखिला देने पर 22 निजी स्कूलों की मान्यता पर तलवार लटक गई है। बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित स्कूलों को 72 घंटों के भीतर दाखिले देने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि तय समय में प्रवेश नहीं देने वाले विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए बच्चों को आवंटित किया गया है। इसके बावजूद शहर के 22 विद्यालयों में सभी बच्चों का दाखिला नहीं हुआ। समीक्षा में यह स्थिति सामने आने पर डीएम ने बीएसए को लंबित प्रवेश तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि पात्र बच्चों को उनके शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
इन स्कूलों पर लटकी तलवार
डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, सिविल लाइंस, कल्याणपुर और गोविंदनगर शाखा, डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर की एन-ब्लॉक किदवई नगर, एच ब्लॉक किदवईनगर, श्यामनगर और जाजमऊ शाखा, चिंटल्स पब्लिक स्कूल रतनलालनगर, नर्चर इंटरनेशनल स्कूल कल्याणपुर, वेंडी पब्लिक स्कूल नारामऊ, एनएलके वेंडी स्कूल खलासी लाइन, एनएलके पब्लिक स्कूल नवाबगंज, एलेन हाउस पब्लिक स्कूल की खलासी लाइन और रूमा शाखा, सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल कैंट, डीपीएस की किदवईनगर, मर्दनपुर बर्रा, आजादनगर और सर्वोदयनगर शाखा, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल मैनावती मार्ग, यूनाइटेड पब्लिक स्कूल और कैंब्रिज हाईस्कूल सिविल लाइंस