अरहर, चने की दालों के थोक भाव में 10 से 20 रुपये की कमी
नोट बंदी से आई मंदी के बाद दालों की कीमतों में और कमी आई है। सोमवार को कानपुर किराना मंडी में सभी दालों के दाम पांच रुपये से लेकर 20 रुपये तक गिर गए। चावल, सिंघाड़ा के दामों में दो रुपये से लेकर 10 रुपये तक गिरावट आई है। तेल को छोड़कर राशन की चीजों के दाम स्थिर हैं।
करेंसी की सप्लाई सुधरने के बाद भी अभी लोगों की आमद बाजार में अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। थोक बाजार की तुलना में फुटकर बाजार से लोग थोड़ा-थोड़ा सामान खरीद रहे हैं। मिलों से सप्लाई से बढ़ने से थोक बाजारों में स्टॉक बढ़ रहा है, जबकि बिक्री में उतनी तेजी नहीं है। डिमांड कम होने से थोक व्यापारी मार्जिन घटाकर बिक्री बढ़ाने की कोशिश में हैं।
कलक्टरगंज के दाल व्यापारी जितेंद्र साहू ने कहा कि जिन घरों में प्रतिमाह 25 से 30 किलो दाल वाली बोरी जाती थी, वह इस बार पांच से 10 किलो दाल ही खरीद रहे हैं। मांग घटने से दालों की कीमत गिर रही हैं। माल रोकने की बजाय व्यापारी मार्जिन घटाकर बिक्री कर रहे हैं। सोमवार को थोक बाजार में अरहर 80 रुपये, मूंग 52 से 55 रुपये, उरद 85 से 90 रुपये और मसूर की दाल 60 से 65 रुपये प्रतिकिलो तक है। फुटकर में 10-15 रुपये किलो ज्यादा दाम होंगे। किराना व्यापारी गुड्डू गुप्ता ने बताया कि चने की दाल के दाम भी 10 रुपये गिर गए। करीब छह माह बाद चने की दाल के दाम दो बार टूटे हैं। पहले इसके दाम 130 से गिरकर 125 रुपये प्रतिकिलो हुए और सोमवार को यह 115 रुपये किलो तक पहुंच गई है। चावल की नई फसल भी आने लगी है और बाजार में डिमांड स्थिर है। इसके कारण चावल के दामों में भी कमी आई है। थोक में 20 रुपये किलो वाला चावल 18 रुपये प्रतिकिलो पर पहुंच गया है।
फुटकर में भी गिरेंगे दाम
किराना व्यापारी बलराम सिंह ने बताया कि फुटकर बाजार में भी दालों की गिरावट का असर मंगलवार या बुधवार से दिखने लगेगा। पहले नोट बंदी और अब मंदी से थोक बाजार उबर नहीं पा रहा है। तेल कारोबारी विपिन गुप्ता ने बताया कि डॉलर की चढ़ी कीमतों के कारण फिलहाल रिफाइंड और सरसों के तेल के दाम अभी चढ़े हुए हैं।