कानपुर। री-नीट परीक्षा का परिणाम गुरुवार देर रात घोषित कर दिया गया, जिसमें शहर के कई होनहार छात्रों ने सफलता हासिल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन मेहनत व लगन के दम पर दर्जी और किसान परिवारों से आने वाले छात्रों ने कामयाबी का परचम लहराया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से परिणाम जारी होते ही छात्रों ने अपने स्कोर जानने का प्रयास किया, लेकिन सर्वर पर अधिक लोड होने से वेबसाइट ठप हो गई। काफी संख्या में छात्र-छात्राएं परिणाम नहीं जान सके। जिन छात्रों ने परिणाम देखा, उनमें से कई ने बताया कि उनके री-नीट के अंक पहले हुए नीट परीक्षा की तुलना में कम आए हैं। इसके बावजूद शहर के अनेक छात्र अपनी रैंक और अंक के आधार पर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की उम्मीद बनाए हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में भी छात्रों का यह प्रदर्शन सराहनीय है। अभिभावकों में बच्चों की सफलता को लेकर खुशी का माहौल है। सभी की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर है, जिसके जरिए छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
पिता दर्जी, बेटा बनेगा डॉक्टर
कानपुर। नवाबगंज के ज्योरा मोहल्ले के जतिन निषाद ने ऑल इंडिया 6656वीं रैंक हासिल कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। उनकी कैटेगरी रैंक 2800 है। पिता रवि शंकर निषाद एक बुटीक में दर्जी का काम करते हैं। मां शानू निषाद गृहिणी हैं। जतिन के मुताबिक बचपन में जब भी घर आने वाले मेहमान उनसे पूछते कि बड़े होकर क्या बनोगे, तो वह हमेशा डॉक्टर ही कहते थे। यही सपना धीरे-धीरे उसके जीवन का लक्ष्य बना। जतिन के मुताबिक जब उनसे डॉक्टर बनने की इच्छा परिवार के सामने रखी तो पिता ने बिना किसी हिचक के उनका साथ दिया। वह माता-पिता के साथ-साथ कोचिंग संचालक एसपी सिंह को भी श्रेय देते हैं, जिन्होंने पढ़ाई के साथ आर्थिक रूप से भी उसकी मदद की। जतिन के नीट में 650 अंक थे जबकि री नीट में उनको 612 नंबर मिले हैं। जतिन को उम्मीद है कि उन्हें किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल जाएगा।