वाणिज्यकर विभाग से मांगा पंजीकृत व्यापारियों का ब्यौरा
नोट बंदी के बाद से चौपट हो रहे व्यापार और तालाबंदी का शिकार हो रहे उद्योगों को पटरी पर लाने के लिए रिजर्व बैंक, कानपुर ने पहल की है। रिजर्व बैंक के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ व्यापारियों और उद्यमियों को करेंसी की किल्लत से निकलने का तरीका बताएंगे। इसके लिए बैंकिंग सेक्टर और कैशलेस व्यापार के माहिर व्यापारियों की मुश्किल आसान करेंगे।
रिजर्व बैंक के सूत्र बताते हैं कि भविष्य में करेंसी युक्त व्यापार को पूरी तरह से खत्म किया जाना है। हर लेनदेन अब ऑनलाइन ही होगा। इसके लिए व्यापारी और उद्यमी जितनी जल्दी तैयार हो जाएं उतना ही अच्छा है। कैशलेस ट्रांजेक्शन को तभी बढ़ावा मिलेगा जब बाजार इसमें सहयोग करेगा। इसलिए शहर के हर व्यापार मंडल को इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। इसी सप्ताह होने वाली मीटिंग में व्यापारियों को बड़े लेनदेन ऑनलाइन करने के तरीके बताए जाएंगे। इसी तरह से छोटे लेनदेन के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, इसकी जानकारी दी जाएगी। दि किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश बाजपेई ने बताया कि रिजर्व बैंक की ओर से पत्र आया है। इसमें कैशलेस व्यापार के तौर तरीके बताए जाने के बारे में लिखा है। व्यापार मंडल को इसकी सूचना दे दी है।
पंजीकृत व्यापारियों का मांगा ब्यौरा
रिजर्व बैंक ने वाणिज्यकर विभाग से पंजीकृत व्यापारियों का ब्यौरा मांगा है। ताकि यह पता चल सके कि शहर में कितने व्यापारी पंजीकृत हैं और कितने अपंजीकृत। अपंजीकृत व्यापारियों को भी मुख्यधारा में लाने के लिए मुहिम चलाई जाएगी।
छह को होने वाली मीटिंग कैंसिल
रिजर्व बैंक की ओर से व्यापारियों के साथ यह मीटिंग छह दिसंबर को होने वाली थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से छुट्टी घोषित किए जाने की वजह से इसकी तारीख आगे बढ़ा दी है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग इसी सप्ताह होगी।