रावतपुर गांव और सैयद नगर में सालों से तीज-त्योहारों पर होते आ रहे तनाव की खाई को पाटने के लिए क्षेत्र में पहली बार रामलला दशहरा मेले में हिंदू-मुस्लिम एकता के तहत ‘रावतपुर गांव महोत्सव’ का आयोजन होगा।
महोत्सव में हिंदू मुस्लिम मिल कर गऊ-गंगा संरक्षण, सामाजिक समरसता और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देंगे। महोत्सव की शुरुआत क्षेत्र के पुस्तैनी शहनाई वादक सिकंदर खान की शहनाई वादन से होगा। यह निर्णय बुधवार को रावतपुर गांव में श्रीराम लला मंदिर में बुलाई गई श्री रामलला जी महाराज रामलीला समिति की बैठक में हुआ।
बैठक में मंदिर के सदस्य और महोत्सव के आयोजक रोहित चंदेल ने बताया कि क्षेत्र में भाईचारा और प्रेम बढ़ाने के लिए ऐसा आयोजन पहली बार होगा। दशहरा मेले में मंदिर परिसर में रावण का 70 फुट लंबा पुतला जलाया जाएगा। इसमें हिंदू-मुस्लिम परिवार हिस्सा लेंगे। ‘हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कैंप’ में युवाओं को क्षेत्र की हिंदू-मुस्लिम एकता के बारे में बताया जाएगा। क्षेत्र की कहानी और संस्कृति पर आधारित सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
बेटी बचाओ अभियान के तहत बाल मेला लगेगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव की व्यवस्था के लिए क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों और रसूखदार 100 हिंदू-मुस्लिम लोगों को लिस्ट और समिति की ओर से 200 वॉलियंटर की लिस्ट तैयार कर ली गई है। हर परिवार को आमंत्रित किया जा रहा है। बैठक में चंद्रकुमार गंगवानी, समिति के अध्यक्ष राजनारायण दीक्षित, विमल मिश्रा, अशोक त्रिपाठी, बृजेश पांडेय, राहुल सिंह, शंकर सिंह राठौर, अभिषेक सेंगर, सिकंदर खान सहित कई लोग मौजूद रहे।