कानपुर। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत नगरीय क्षेत्र के पात्र परिवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया अब आसान हो गई है। मृतक की आयु के प्रमाण के लिए हाईस्कूल प्रमाण पत्र या परिवार/कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध न होने पर पांच अन्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकेगा। शासन ने शहरी क्षेत्र के लोगों को आने वाली समस्याओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की है। अब
समाज कल्याण विभाग राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत गरीब परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर परिजनों को 20 हजार का अनुदान देता है। अब तक आधार कार्ड में लिखी जन्मतिथि के आधार पर उम्र को मान्य किया जाता था, लेकिन शासन ने आधार कार्ड को उम्र के प्रमाणिक आधार मानने से पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिसके बाद पारिवारिक लाभ योजना के नए आवेदकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। गांव के लेकर शहर तक के लोग परिवार रजिस्टर बनवाने के लिए ब्लॉक और तहसीलों के चक्कर काट रहे थे। अब शासन ने शहरी क्षेत्र के लोगों को पांच अन्य विकल्प दे दिए हैं। इसमें राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड पर लिखी उम्र को मान्य किया है। ये दस्तावेज पहले से मान्य परिवार अथवा कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति और जन्मतिथि वाले शैक्षिक प्रमाणपत्र के अतिरिक्त विकल्प के रूप में स्वीकार किए जाएंगे। नई सुविधा केवल नगरीय क्षेत्र के लोगों के लिए है। ग्रामीण क्षेत्र में पहले से चली आ रही व्यवस्था ही लागू रहेगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सामान्यतः परिवार अथवा कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध नहीं होता। कई मामलों में मृतक का हाईस्कूल प्रमाणपत्र परिवार के पास नहीं होते हैं। ऐसे में पात्र परिवारों को योजना का लाभ लेने में परेशानी आ रही थी। नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया सरल और पात्र लोगों को राहत मिलेगी।