दूसरी लहर में कोविड के डेल्टा वैरिएंट ने बड़ी तबाही मचाई है। इसका सबसे अधिक असर सांस पर था। इसी से आक्सीजन लेवल नीचे गया। अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है।
कानपुर में कोरोना की तीसरी लहर के संबंध में आईएमए के बैनर तले आयोजित वेबिनार में बताया गया कि दूसरी लहर में कोविड के डेल्टा वैरिएंट ने बड़ी तबाही मचाई है। इसका सबसे अधिक असर सांस पर था। इसी से आक्सीजन लेवल नीचे गया। अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है।
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ऐसे में लोग बचाव के लिए कोविड गाइडलाइन के लिहाज से अपने तौर-तरीकों में बदलाव लाएं। कोरोना की दूसरी लहर से बाहर आ गए हैं लेकिन अभी चार महीने तक खुद को संक्रमण से बचाना है। मुख्य वक्ता कन्नौज मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि लोग अपने बच्चों को कोरोना से बचाव के तरीके बताएं।
बाहर निकलें तो भीड़ से दूर रहें। एक निजी दवा कंपनी ने बच्चों की वैक्सीन का ट्रायल पूरा कर लिया है। कोवाक्सिन का भी ट्रायल शुरू हो गया है। एक महीने के अंदर बच्चों की वैक्सीन आने की संभावना है। 12 से 18 साल उम्र के बीच के बच्चों को वैक्सीनेशन की अनुमति मिल सकती है। मुख्य अतिथि आईएमए के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रवीण कटियार थे। इस मौके पर आईएमए की नगर शाखा की अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा, सचिव डॉ. दिनेश सिंह सचान, डॉ, अर्चना भदौरिया, डॉ. विकास मिश्रा आदि रहे।