यूपी के उन्नाव जिले से बांगरमऊ विधान सभा सीट से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म और पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाकर रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली किशोरी के जेल में बंद पिता की सोमवार तड़के संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई। इस मामले की पूरी रिपोर्ट...
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पीड़िता
- फोटो : अमर उजाला
1- चार जून 2017 को माखी थाना क्षेत्र के गांव से 17 साल की किशोरी को गांव के ही शुभम और उसका साथी कानपुर जिले के चौबेपुर निवासी अवधेश तिवारी अगवा कर ले गए। करीब आठ महीने बाद किशोरी मिली तो उसने आपबीती बताई। पीड़िता की मां ने माखी थाने में तहरीर दी। इसमेें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पड़ोस की एक महिला के जरिए बहाने से घर बुलाकर रेप करने और इसके बाद उसके गुर्गों द्वारा गैंगरेप करने का आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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थाने में महिला
- फोटो : अमर उजाला
2 - 11 जून 2017 को पीड़िता ने अदालत की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर 156/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें पुलिस ने अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया। यानी इसमें विधायक और आरोपी महिला का नाम हटा दिया गया। इसके बाद से यह मामला कोर्ट में चलता रहा।
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थाने में महिला, परिजन
- फोटो : अमर उजाला
3 - तीन अप्रैल 2018 को काम धंधे के सिलसिले में दिल्ली रहने वाला पीड़िता का पिता घर लौटा। वह तारीख पर गया। जहां 12 अप्रैल की अगली तारीख मिली। इसी बीच पीड़िता के पिता के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। पीड़िता की मां का आरोप है कि तारीख से लौटने के बाद उसके पति घर पहुंचे तभी कुछ लोग आ गए और उनकी पिटाई कर दी।
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कुलदीप सिंह सेंगर
4 - रेप पीड़िता की मां आरोप है कि पति के गांव आने की जानकारी बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के छोटे भाई अतुल सिंह को हुई तो वह मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने लगे। बात न मानने पर पूरे परिवार को पीटा। आरोप है कि पुलिस भी मौके पर पहुंची। आरोपी उसके सामने भी मारपीट करते रहे। इससे उसके उसके पति लहूलुहान हो गया। इसके बाद विधायक के लोग उसे थाने ले गए और विधायक पक्ष के टिंकू सिंह की तहरीर पर उसके खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पीड़िता
- फोटो : अमर उजाला
5 - तीन अप्रैल 2018 की ही रात में पीड़ित की मां ने डीएम को आपबीती बताई। यह भी बताया कि उसके पति को पीटा गया और पीटने वालों के बजाय उसके पति के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस पर उन्होंने एसओ माखी को फटकार लगाई और तहरीर लेकर पीड़ित परिवार की ओर से भी मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद पीड़ित युवती का परिवार एसपी से मिला। एसपी पुष्पांजलि ने जांच के लिए सीओ सफीपुर को मौके पर भेजा।
6 - चार अप्रैल 2018 को रेप पीड़िता की मां ने तहरीर दी। पुलिस ने माखी गांव के ही विनीत, सोनू, बउवा और शैलू सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया। इस मुकदमे में पुलिस ने विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटा दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया। पिटाई से घायल का पुलिस ने दो दिन इलाज करने के बाद शाम को उसे जेल भेज दिया। जबकि परिजन गंभीर चोटों का इलाज कराने की मांग करते रहे।
7-आठ अप्रैल 2018 की रात जेल में बंद ग्रामीण की हालत बिगड़ी। रात 9 बजे जेल अधीक्षक एके सिंह ने जिला अस्पताल भेजा। सुबह 3:49 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने विनीत, सोनू, बउआ, शैलू को गिरप्तार कर लिया। इन सभी को जेल भेज दिया गया।