कानपुर शहर के आरटीओ दफ्तर में एक करोड़ 29 लाख रुपये में खरीदी गई जगुआर का पंजीकरण कराया गया है। इससे आरटीओ दफ्तर को 14 लाख चार हजार 904 रुपये का टैक्स मिला है। इससे पहले इस साल दो और महंगी कारों का पंजीकरण कराया गया था।
रेंज रोवर स्पॉर्ट 3.02 जगुआर केजी पान प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर के नाम से खरीदी गई है। इसके निदेशक सुधीर वर्मा साइट नंबर एक किदवई नगर में रहते हैं, इसलिए जगुआर का पंजीकरण कानपुर से कराया गया है। एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि इस जगुआर का नंबर भी वीआईपी कोटे से 15 हजार रुपये देकर लिया गया है। गाड़ी का नंबर यूपी 78-एफएम-0006 है।
जगुआर का पंजीकरण गुरुवार को कराया गया है। एआरटीओ ने बताया कि इससे पहले जनवरी में फ्री लैंड रोवर गाड़ी का पंजीकरण दीपक सहगल ने कराया था। इसकी कीमत एक करोड़ 55 लाख 56 हजार रुपये थी। यूपी 78-एफबी-1300 नंबर वाली इस गाड़ी से 15.55 लाख रुपये का टैक्स मिला था। नवंबर माह में ही राजस्थान लीकर लिमिटेड के नाम जगुआर विलर गाड़ी खरीदी गई थी। यूपी 78-एफएल-0003 नंबर वाली इस गाड़ी से आरटीओ दफ्तर को 15.30 लाख रुपये टैक्स मिला था।