बिकरू कांड से संबंधित गैंगस्टर के मुकदमे में सजा काट रहे विकास दुबे के साथी रामू बाजपेई और सुरेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई होने तक दोनों की सजा निलंबित रहेगी। बिकरू कांड में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब जल्द ही दोनों जेल से रिहा हो जाएंगे।
चौबेपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 को पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। इसमें आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हुए थे। हत्या के मुकदमे के अलावा पुलिस ने तीस आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मुकदमे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने वर्ष 2023 में रामू बाजपेई उर्फ रावेंद्र कुमार उर्फ रवींद्र और सुरेश वर्मा सहित 23 दोषियों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई थी। दोषियों ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है जो अभी लंबित चल रही है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वहां तर्क रखा कि वह लोग लगभग 6 साल से जेल में बंद हैं। अपील पर निर्णय आने में अभी वक्त लग सकता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर कर ली है। अधिवक्ता सीपी शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने रामू बाजपेई व सुरेश वर्मा की जमानत मंजूर कर ली है। बुधवार को सेशन कोर्ट में आदेश की प्रति दाखिल की जाएगी। इसके बाद एक-दो दिन में जमानत दाखिल कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों की जेल से रिहाई हो जाएगी।