बिठूर क्षेत्र के गांव ईश्वरीगंज में ऐसी तैयारियां चल रही हैं मानो वहां दशहरे या दिवाली का उत्सव होने वाला हो। कारण यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आ रहे हैं। उनके स्वागत के लिए जहां लोगाें का तन-मन पुलकित हैं वहीं, सरकारी तंत्र का ‘पुर्जा-पुर्जा’ अपनी पूरी क्षमता से जुटा हुआ है।गांव का नजारा देखने लायक है। चलो देखते हैं क्या हो रहा खास..
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गांव ईश्वरीगंज में हो रही तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
गांव की गली-गली, कोने-कोने का कायाकल्प हो रहा है। देखते-देखते ईश्वरीगंज एक आदर्श गांव की शक्ल ले रहा है। वहां ऐसा लगा कि गांव में ‘रामराज्य’ आ गया है। 15 तारीख को राष्ट्रपति की मेजबानी के लिए सज रहे ईश्वरीगंज का मंगलवार को आंखों देखा हाल अमर उजाला संवाददाता आशुतोष मिश्र और फोटो जर्नलिस्ट रविंदर सिंह भाटिया आपके लिए लेकर आए हैं। मंगलवार दोपहर 12:30 बजे ईश्वरीगंज गांव के सामने स्थित कल्याणपुर-बिठूर मार्ग को चौड़ीकरण करने का काम तेजी से चल रहा था।
गांव ईश्वरीगंज में हो रही तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
जेसीबी, डंपर और अन्य उपकरणों से सड़क चौड़ी की जा रही थी। गांव में घुसते ही हर तरफ जेसीबी, काम करते मजदूर, पुलिस, अफसरों की धूल उड़ाती गाड़ियां। गांव के बच्चे, नौजवान, वृद्ध और महिलाएं यह सब बड़े कौतूहल से देख रहे थे। आपस में कह रहे थे बाप रे बाप इतना पैसा खर्च हो रहा है। तभी दूसरी तरफ से तेज आवाज सुनाई दी, अरे ये भी तो देखो आ कौन रहा है, भैया राष्ट्रपति आ रहे हैं राष्ट्रपति।
गांव की जनसंख्या 1957 है। 379 परिवार यहां रहते हैं। 28 नवंबर 2016 को इस गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था। गांव में घुसते ही बाईं तरफ 60 बाई 18 फीट का मंच तैयार हो रहा था। यह मंच छह फीट ऊंचा बनना है। करीब दो सौ मजदूर मंच पूरा कराने के लिए अलग-अलग शिफ्ट में दिन-रात काम कर रहे हैं। इस मंच के आगे सुरक्षा के मद्देनजर ‘डी’ बनेगी। इसके आगे एक बड़ा सा पंडाल तैयार हो रहा था। मंच के पीछे बढ़ने पर 15 मीटर रेडियस के तीन हेलीपैड बनाने का काम तेजी से चलता दिखा। पता चला कि राष्ट्रपति को लखनऊ से लेकर तीन हैलीकॉप्टर यहां उतरेंगे। सेना के हैलीकॉप्टर राज्य सरकार के हैलीकॉप्टर से ज्यादा बड़े होते हैं।
गांव ईश्वरीगंज में हो रही तैयारियां
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हैलीपेड तैयार कर उन पर सफेद रंग से एच शेप बनाई जाएगी। जिससे पॉयलट ऊपर से हेलीपैैैड का अंदाजा लगा सके। हेलीपैड बुधवार दोपहर 12 बजे तक तैयार कर देना है। बुधवार को दोपहर बाद इन हेलीपैड पर ट्रायल लैंडिंग होगी। गांव की सड़क से बाएं हेलीपैड तक सड़क बनाई जा रही है। गांव में घुसते ही हर तरफ कर्मचारी सफाई में लगे थे, कई कूड़ा बटोर रह थे, कई शौचालय पर पेंटिंग में सफाई के नारे लिख रहे थे। नालियां साफ की जा रही थीं और झाड़ियां काटी जा रही थीं। कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव हो रहा था।
मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग मशीनें धुआं उगल रही थीं। हर विभाग के अफसर और कर्मचारी किसी न किसी काम में लगे थे। गांव के प्राइमरी स्कूल की रंगाई-पुताई हो रही थी। परिसर में जमा मलबे को हटाया जा रहा था। प्रधान आकाश वर्मा के घर के सामने कई विभागों के अफसर बैठे थे। हर गली में जहां भी नजर पड़ी सफाई होती दिखी। सिपाही घर-घर जाकर वैरीफिकेशन कर रहे थे। रजिस्टर में परिवार के हर सदस्य के नाम, उम्र और काम का ब्योरा नोट कर रहे थे।