पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के दिग्गज
वकील ने सिंधी समाज को नसीहत देते हुए चुगली, चापलूसी से दूर रहने को कहा।
वह शुक्रवार को बर्रा स्थित सिंधु इंटरनेशनल स्कूल में सिंधी समाज के वेब
पोर्टल ‘हमारी नजर’ की लांचिंग के अवसर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
पूर्व
केंद्रीय कानून मंत्री राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
विदेश यात्राओं का मखौल उड़ाया है। उन्होंने कहा कि मोदी जिस तरह से
विदेशों की यात्रा कर रहे हैं, उससे यही लगता है कि वे भारत के नहीं बल्कि
दूसरे देशों के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि वे मोदी को प्रधानमंत्री
बनाए जाने के शुरू से खिलाफ थे। यही वजह थी कि उनके पीएम बनने पर,
उन्होंने मोदी को बधाई देने के साथ उनकी आलोचना भी की।
जेठमलानी ने कहा
कि अटल बिहारी की सरकार में आनन फानन में कानून मंत्री बनाया गया था।
इससे पहले उन्हें ग्रामीण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। दरअसल उस दौरान
उन्होंने एक सालिसिटर जनरल की नियुक्ति का विरोध किया। जिसे लेकर
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी भी घबरा गए थे।
ऐसा इसलिए क्योंकि
नियुक्त सालिसिटर तमिलनाडु की सीएम जयललिता का करीबी था। उस समय जयललिता
की पार्टी ने अटल जी की सरकार को समर्थन दिया था। उन्होेंने बताया कि उस
मौके पर अटल जी की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने न सिर्फ कानून मंत्री
के पद से इस्तीफा दे दिया, बल्कि भाजपा से ही नाता तोड़ लिया।
कार्यक्रम
में समाजवादी सिंधी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अंशवानी ने पूर्व
केंद्रीय कानून मंत्री को स्मृति चिह्न और शाल भेंट किया। जेठमलानी ने भी
स्व. जनेश्वर मिश्र की बेटी और राज्य महिला कल्याण निगम की सलाहकार मीना
तिवारी, रमेश अवस्थी, माला दीक्षित, शहजाद अख्तर को स्मृति चिह्न देकर
सम्मानित किया।