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चुनाव से पहले ही शिवपाल को लगा झटका, इन प्रत्याशियों की गलती ने बंद किये सियासी दरवाजे

Wed, 10 Apr 2019 11:19 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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चुनाव से पहले शिवपाल को लगा झटका
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नामांकन पत्र भरने में गलतियों ने 34 दावेदारों का लोकसभा चुनाव लड़ने का ख्वाब तोड़ दिया। दूसरे लोकसभा क्षेत्र के प्रस्तावक बनाने के कारण कई के पर्चे खारिज हुए। एक पर्चा कम उम्र के कारण निरस्त हुआ। एक बुजुर्ग महिला वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण चुनाव लड़ने से वंचित हो गईं।

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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से कानपुर प्रत्याशी राजीव मिश्रा ने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति को अपना प्रस्तावक बना दिया था। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए पर्चा निरस्त हो गया। नियमानुसार प्रस्तावक उसी लोकसभा क्षेत्र का होना चाहिए जहां से प्रत्याशी लड़ रहा है। 

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नामांकन में वोटर होने का प्रमाण नहीं दिया था

इसी तरह अखिलेश मिश्रा, प्रमोद कुमार मिश्रा, चंदन दीक्षित, राजेश कुमार वर्मा के प्रस्तावक अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के होने के कारण नामांकन निरस्त हो गया। राजू सरोज ने नामांकन पत्र में अपनी उम्र 18 साल लिखी थी। 18 साल की उम्र में वोट तो डाला जा सकता है लेकिन चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 25 साल उम्र होनी चाहिए। बेलापति ने नामांकन में वोटर होने का प्रमाण नहीं दिया था।

कानपुर और अकबरपुर संसदीय क्षेत्र के ज्यादातर दावेदारों ने शपथ पत्र ही ठीक से नहीं भरा था। किसी के प्रस्तावक पूरे नहीं थे। निर्दलीय और क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को दस प्रस्तावक रखने होते हैं। कई दावेदारों ने नामांकन पत्र पूरा नहीं भरा था। इसलिए नामांकन पत्र खारिज हो गए।
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