सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में पावर प्लांट से निकलने वाले पानी के कारण गांव में ऐसी ही स्थिति बन जाती है।
पिछले साल मिला था आश्वासन, फिर वही हाल
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान गांव में इसी तरह जलभराव हुआ था। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। उस समय पनकी पावर हाउस प्लांट के महाप्रबंधक विजय बहादुर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि अगली बरसात से पहले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक साल बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बरसात आते ही फिर वही हालात पैदा हो गए और पिछले साल किया गया समाधान का वादा हवा-हवाई साबित हो गया।
सांसद-विधायक से लगाई गुहार
जलभराव से आक्रोशित ग्रामीणों ने सांसद और विधायक के पास पहुंचकर समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कहा कि हर वर्ष जलभराव से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने पावर प्लांट से निकलने वाले पानी की उचित निकासी की व्यवस्था कराने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।