फरवरी माह की शुरूआत में बारिश से हुई फसल बर्बादी से किसानों के आंसू
अभी तक नहीं सूख सके थे कि शनिवार देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश व
ओले गिरने से उनकी परेशानी दोबारा बढ़ गई है।
खेतों में खड़ी गेहूं,
चना, जौ, अरहर, मटर, सरसों व सब्जी आदि की फसलों पर बारिश व ओले की मार से
किसानों को अब बची-खुची फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। वहीं मौसम
वैज्ञानिकों ने अभी और बारिश होने की संभावना जताई है।
शनिवार से ही
जिले में बारिश होने की संभावना बन रही थी। वहीं देर रात शुरू हुई झमाझम
बारिश रविवार को पूरे दिन रुक-रुककर खेतों पर कहर बनकर बरसती रही। बताते
चलें कि फरवरी की शुरूआत में झमाझम बारिश होने से खेतों में खड़ी हजारों
हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई थी। जिससे किसान अभी तक नहीं उबर सके थे।
शनिवार रात करीब 12 बजे से शुरू हुई बारिश रविवार को पूरे दिन होती रही।
वहीं रविवार शाम तेज बारिश के साथ अकबरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में ओले
गिरे। इससे गेहूं, मटर, सरसों, जौ, अरहर, मटर, व सब्जी आदि की खेतों में
खड़ी फसलें चौपट होने की खतरा बढ़ गया है। वहीं तेज हवाएं चलने व ओले गिरने
से फूल रही फसलें व आम के बौर झड़ गए। बारिश व ओले गिरने से अब किसानों की
परेशानी और बढ़ गई है।
वहीं बारिश के चलते अकबरपुर, डेरापुर, पुखरायां,
मूसानगर, रसूलाबाद, मैथा, शिवली, झींझक, रनियां, सरवनखेड़ा आदि क्षेत्रों
के चौराहों, तिराहों पर जलभराव की समस्या बन गई। वहीं तेज बारिश के चलते
तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि दक्षिणी हवाएं चलने
से मौसम का रुख बदला है। शनिवार का अधिकतम तापमान 22.06 डिग्री सेल्सियस व
न्यूनतम तापमान 15.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सोमवार को आसमान
में बादल छाए रहेंगे। रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।