कानपुर। जाजमऊ के रैदास विहार नई बस्ती में गुरुवार दोपहर आधे घंटे की बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैंं। बारिश के दौरान लोग अपना सामान लेकर इधर उधर भागते नजर आए। निशा परवीन, शाहिद समेत कई लोगों ने बताया कि तीन दिन से कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया। समाजसेवियों की ओर से दोनों टाइम खाना मिल रहा है। गुरुवार को तहसीलदार सदर विनय कुमार और लेखपाल अर्पित कटियार ने यहां निरीक्षण किया। रैदास विहार से 200 मीटर की दूरी पर स्थित हाशमी रोड में तीन दिन बीते जाने के बाद भी गुरुवार को बारिश का पानी बस्ती में भरा रहा। तहसीलदार विनय कुमार ने बताया कि नगर निगम से रिपोर्ट मंगवाकर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रयास किया जाएगा।
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दीवार ढही, बचा परिवार
गुरुवार को रैदास विहार की दूसरी लेन में करीब एक मकान दीवार अचानक ढह गई। हादसे के दौरान मोईन और उनका बेटा बाल-बाल बच गए। लोगों को डर है कि जलभराव के चलते उनके मकान भी क्षतिग्रस्त हो सकते है। घटना के बाद मोईन अपने घर में ताला लगाकर गांव चले गए।
सरैया नाले के ऊपर 125 से अधिक रह रहे परिवार
जाजमऊ के रैदास विहार में हादसे के बाद भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। जाजमऊ के सरैया नाले के ऊपर बनी कच्चे-पक्के मकानों के साथ कई गुमटी रखकर दुकानें बनी हैं। नाला कई बार धंस चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदार बस्ती को खाली कराने की सुध नहीं ले रहे हैं। रैदास विहार की तरह यहां पर भी कभी भी हादसा हो सकता है। नाले के ऊपर 125 से अधिक परिवार रह रहे हैं। कई ने तो नाले के ऊपर पक्के घर भी बनवा लिए हैं। बारिश का पानी भर जाने पर लोग रहना छोड़ देते हैं लेकिन दोबारा से पानी निकल जाने पर फिर बस जाते हैं।
बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट
जलभराव ने बस्ती के 60 से अधिक बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट खड़ा कर दिया। सुनीता, हनीफ, किरन, विमला देवी ने बताया कि रैदास विहार की ज्यादातर महिलाएं घरों में चौका-बर्तन कर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाती है। ज्यादातर बच्चों की कॉपी किताबें भीग गई हैं।