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Kanpur News: बारिश से कच्ची दीवार गिरी, मलबे में दबकर वृद्ध की मौत

Fri, 28 Aug 2026 01:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जनपद में 24 घंटे में 16.333 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कहीं रुक-रुक कर बारिश हुई तो कहीं तेज बारिश से नाले ओवरफ्लो हो गए तो सड़कों पर जलभराव हो गया। जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। अमराहट थाना क्षेत्र के महेशपुर में बारिश के बीच बुधवार देर रात कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर वृद्ध की मौत हो गई।
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पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। बुधवार सुबह से लेकर देर रात तक बारिश हुई। नगरीय क्षेत्र में जल निकासी की पोल खुल गई। नाला ओवरफ्लो हो गए तो सड़कों पर जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा समस्या कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को हो रही है। अमराहट थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी रामनरेश ने बताया कि बुधवार रात खाना खाने के बाद घर के कच्ची दीवार पर छप्पर के नीचे तखत पर पिता शिवसहाय (85) बैठे थे। वहीं, पास में गांव के सुरेश, पप्पू और नरेश बैठे थे। इस बीच हो रही बारिश के दौरान कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में पिता दब गए।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें मलबे से बाहर निकाल सिकंदरा सीएचसी पहुंचे। जहां मौजूद चिकित्सक ने पिता को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार अनिरुद्ध ने बताया मृत किसान के परिजनो को दैवी आपदा के तहत मुआवजा दिलाया जाएगा। वहीं, अमराहट थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि किसान के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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मौसम विभाग के अनुसार अकबरपुर तहसील क्षेत्र में सात मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 35 मिमी, मैथा 27 मिमी, सिकंदरा में 20 मिमी, रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में पांच मिमी और डेरापुर तहसील क्षेत्र में सबसे कम चार मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसत बारिश 16.33 मिमी रही। सीएसए के कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्र ने बताया कि आगामी पांच दिनों में मध्यम से घने बादल छाए रहने के आसार हैं। स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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जलभराव की समस्या से जूझ रहे अयोध्या नगर नगर के वाशिंदे
राजपुर। नगर पंचायत के कई वार्डों में जलनिकासी की बड़ी समस्या है। अयोध्या नगर वार्ड में जल निकासी के प्रबंध नहीं होने से बारिश होने से मुख्य रास्ते में जलभराव है। लोगों को शहरी क्षेत्र होने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। साफ-सफाई के अभाव में जहां कूड़ा जमा है वहीं जल निकासी के लिए बनी नालियां कचरे से पटी हैं। दो दिन से हो रही बारिश से समस्या और बढ़ गई है। लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। इसी रास्ते पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बना है। मरीजों को अस्पताल आने-जाने में परेशानी होती है। वार्ड में आबादी करीब दो हजार है। वार्ड निवासी वीर सिंह, आलोक, सतीश, रामकरन सिंह ने बताया कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी चार वर्षों से वार्ड के लोग कीचड़ व जलभराव व गंदगी से जूझ रहे हैं। वार्ड में सफाई भी नियमित नहीं होती है। इससे नालियों का गंदा पानी गलियों में भरा है। इससे लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत की लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। कीचड़ व जलभराव से बीमारियों के फैलने का खतरा है। ईओ नीति त्रिपाठी ने बताया कि सड़क पर जलभराव की जानकारी नहीं है। सफाई कर्मियों की टीम भेजकर जल निकासी का प्रबंध कराया जाएगा। (संवाद)
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जलभराव से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त
अमरौधा। विकास खंड अमरौधा क्षेत्र के पातेपुर में जलभराव से आमजन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय अरविंद यादव, मंशाराम यादव, देवेंद्र पाल, समरथ सिंह का कहना है कि रास्ते में नाली न बना होने के कारण बारिश का पानी भर जाता है। जिससे लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह रास्ता अमरौधा से लंगड़ेपुर तक जाने का मुख्य रास्ता है। एडीओ पंचायत अखिलेश कुमार ने बताया कि जल्द जेसीबी भेज कर जल निकासी का इंतजाम किया जाएगा। (संवाद)
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बारिश में ढही कच्चे कमरे की छत, टिनशेड के नीचे परिवार
राजपुर। क्षेत्र में कई दिनों से हो रही बारिश से कच्चे मकान गिरने लगे हैं। लोहिया नगर निवासी मजदूर धर्मेंद्र कुमार की कमरे की कच्ची छत बृहस्पतिवार को नमी के कारण अचानक गिर गई। मकान में रखा हजारों रुपये का गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार बाहर था।
धर्मेंद्र की की पत्नी प्रेमा देवी ने बताया कि पति दूसरे शहर में मजदूरी करते हैं। तीन बच्चों रिशांक (17) ईशा (15) प्रशांत (13) के साथ रहती है। बृहस्पतिवार सुबह बच्चे पढ़ने गए थे। वह खुले आंगन में खाना बना रही थी। बताया कि इसी बीच छत ढह गई। उसने बताया कि पीएमवाई आवास योजना के लिए आवेदन किया था। मकान का सर्वे भी हो चुका है लेकिन अभी तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि 18 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। जिसमें पक्के मकान के लिए एक लाख रुपये की किस्त खाते में 24 से 48 घंटे के भीतर आने की बात कही गई थी।
वहीं, अगला मैसेज 19 मई को भी योजना की राशि मकान निर्माण में ही खर्च करने और रकम न मिलने पर राजपुर यूएलबी से संपर्क करने का संदेश आया। पीड़िता का आरोप है कि कई बार बैंक खाते की जांच कराने के बावजूद उनके खाते में आवास योजना की धनराशि नहीं पहुंची। कच्ची छत से लगातार पानी टपक रहा। ईओ नीति त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और पात्रता के अनुसार जल्द आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, सिकंदरा एसडीएम ऊषा सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल रवींद्र शुक्ला को मौके पर भेजकर क्षति का आकलन कराया जा रहा है और शासन स्तर से सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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