जिले में रविवार को झमाझम बारिश व ओले गिरने से देहात में खड़ी गेहूं, जौ, चना, मूंग, अरहर, मटर, आलू सहित अन्य फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। खेतों में जलभराव का आलम इस कदर है कि खेत तालाब बने नजर आ रहे हैं।
फसलों पर बारिश का असर अकबरपुर, रनियां, मूसानगर, डेरापुर, शिवली, पुखरायां, बेहमई सहित अन्य क्षेत्रों पर रहा।
बताते चलें कि जिले के किसान बारिश के चलते हुए नुकसान के चलते पहले से ही जूझ रहे हैं।
ऐसे में रविवार को जिले में बारिश व ओलावृष्टि से बची-खुची फसल भी बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। गेहूं, मूंग, चना, मटर, अरहर, जौ, आलू आदि फसलों के खेतों पर जलभराव की स्थिति इस कदर है कि खेत बारिश के पानी से तालाब बने नजर आ रहे थे।
बेहमई गांव के किसान त्रिलोकी सिंह, चंद्रपाल, छोटे सविता, रामबाबू, विनोद गुप्ता आदि ने बताया कि इस बार की बारिश ने किसानों को बिल्कुल बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। किसानों का कहना है कि भीषण बारिश व ओले गिरने से गेहूं, जौ, चना, अरहर, आलू व सब्जी आदि की फसलें खेतों में पट पड़ गई हैं, जिससे पहले से ही बर्बादी का दंश झेल रहे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने बताया कि जिले में तेज बारिश व ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी फसलों को क्षति पहुंची है। वह स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन कर रहे हैं। जल्द ही क्षति आंकलन पूरा कर लिया जाएगा।