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जान बचाकर चौकी से भागे सिपाही, माफी मांगने के बाद बनी बात, रेल कर्मियों के भड़कने की ये थी वजह

Sun, 26 Aug 2018 11:23 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जीआरपी चौकी पर टूटी पड़ी कुर्सी, उल्टी पड़ी मेज - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हरदोई जिले में जीआरपी चौकी प्रभारी द्वारा साथी से अभद्रता करने और सिपाही के मारपीट करने से नाराज रेल कर्मियों ने शनिवार रात बालामऊ जंक्शन स्थित जीआरपी चौकी पर हमला बोल दिया। चौकी परिसर में फर्नीचर तोड़ दिया। चौकी में मौजूद सिपाही किसी तरह खुद को बचाकर भागे। लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद जीआरपी के सिपाही ने रेल कर्मियों से माफी मांगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।  
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शनिवार रात जीआरपी चौकी प्रभारी बृजेश सिंह रक्षाबंधन के मद्देनजर बालामऊ जंक्शन पर विशेष जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जब वह प्लेटफार्म दो पर पहुंचे तो वहां रेलवे के टेक्नीशियन राजेंद्र प्रसाद पाल बैठे मिले। चौकी प्रभारी ने उनसे पूछताछ की। इस बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। राजेंद्र प्रसाद ने चौकी प्रभारी बृजेश सिंह के साथ चल रहे सिपाही रोहित सिंह पर तमाचा मारने का आरोप लगा साथी रेल कर्मियों को बुला लिया। आक्रोशित रेलकर्मी जीआरपी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए चौकी पर पहुंच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। अपने को घिरा देखकर जीआरपी के सिपाही और अन्य कर्मचारी भाग निकले।
 
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पूरे जंक्शन पर घूम-घूमकर नारेबाजी की

जीआरपी चौकी के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
रेलकर्मियों ने पूरे जंक्शन पर घूम-घूमकर जीआरपी के विरुद्ध नारेबाजी की। हंगामे की जानकारी पर जीआरपी हरदोई से पुलिस बल और आरपीएफ प्रभारी राम गोपाल सिंह भी पहुंच गए। लगभग दो घंटे तक बातचीत का दौर चला। आखिर में सिपाही रोहित सिंह ने रेल कर्मियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में राजेंद्र प्रसाद से माफी मांग ली। इसके बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान मुकेश सिंह, राजपाल सिंह, अरविंद, विजय पांडे आदि मौजूद रहे।

ये आरोप भी लगाया 
रेलकर्मी राजेंद्र पाल का आरोप है कि सिपाही द्वारा पीटे जाने के बाद उसे चौकी के लॉकअप में बंद कर दिया गया। जबकि जीआरपी के प्रभारी बृजेश सिंह का कहना है कि राजेंद्र पाल ने सिपाही का कॉलर पकड़ लिया था। जिसके चलते विवाद बढ़ गया।
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