कानपुर। नौबस्ता, किदवईनगर, कोतवाली समेत अन्य थानों में अखिलेश दुबे और उसके साथियों पर दर्ज एफआईआर की जांच शुरू हो गई है। पुलिस फरार चल रहे आरोपियों के साथ ही लड़कियों को लाने वालों की तलाश में जुट गई है। दक्षिण जोन की पुलिस ने कानपुर के आसपास के जिलों में दबिश दी है।
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने संगठित तरीके से गिरोह बना लोगों के खिलाफ एफआईआर कराकर वसूली करने के कई मामले सामने आने पर जनवरी 2025 में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी के पास ऐसी 10 शिकायतें आई थीं। अब तक हुई प्रारंभिक जांच में लड़कियों को लाने में कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
एसआईटी के एक अधिकारी के मुताबिक भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा के खिलाफ एफआईआर लिखाने वाली किशोरी और उसकी बहन को बुलाया गया था, लेकिन दोनों नहीं आईं। इसी तरह अन्य मामलों में पीड़िताओं को बुलाया जा रहा है। वादियों और आरोपियों के बयान लिए जा रहे हैं। अब तक 14 लोगों के बयान हो चुके हैं।