बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर खंड शिक्षा अधिकारी और एबीआरसी की टीम ने छापेमारी की। छापे की भनक लगते ही कई स्कूल संचालक स्कूल में ताला डालकर भाग निकले और स्कूल में अवकाश कर दिया। जांच में एक मान्यता पर दो जगह स्कूल संचालित होता मिला। मौके पर कोई भी स्कूल संचालक मान्यता के कागज नहीं दिखा सका। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल संचालकों को 48 घंटे का समय दिया है, कागज न दिखाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। मामला यूपी के कन्नौज जिले का है।
कन्नौज की खंड शिक्षा अधिकारी नीलम वर्मा, एबीआरसी रवि त्रिपाठी, डा. पंकज यादव, अखिलेश कुमार व संकुल प्रभारी सुजीत की टीम ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर क्षेत्र के विद्यालयों मेें छापेमारी की। कस्बा तालग्राम में कई विद्यालय मान्यता के कागज नहीं दिखा सके। वहीं बच्चों को दी जाने वाली सुविधा भी मानक के अनुकूल नहीं मिली।
जागृति स्कूल के संचालक ताला डालकर फरार
जांच कर बाहर निकलती बीईओ नीलम वर्मा व अन्य ।
कन्नौज तालग्राम कस्बे के जेरकिला स्थित एम.ए.के रहमानिया स्कूल में मंगलवार सुबह छापा मारा। इस दौरान प्रधानाध्यापक अजहर हुसैन से विद्यालय संचालक के कागज मांगे, लेकिन वह दिखा न सके। इस स्कूल में 175 बच्चे उमस भरी गर्मी में, कम रोशनी वाले कक्ष में पढ़ते मिले, स्कूल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी नीलम वर्मा ने नाराजगी जताई। जानकारी करने पर उसी स्कूल के नाम पर रसूलाबाद के मंडी निगम में स्कूल संचालित होने की खबर मिली। मौके पर पहुंचने से पहले ही प्रधानाचार्य स्कूल में ताला डालकर फरार हो गए।
इसके बाद टीम ने इकरा एजुकेशन सेंटर तालग्राम में छापा मारा वहां पर भी प्रधानाचार्य मोहम्मद राशिद विद्यालय संचालक के प्रपत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद सुभाष एकाडमी में छापा मारा गया, जहां 100 बच्चे मौजूद थे। वहीं छापे की भनक लगते ही टीम के पहुंचने से पहले ही जागृति पब्लिक स्कूल के संचालक ताला डालकर फरार हो गए। वहीं कई स्कूलों में कक्षा पांच तक की मान्यता पर कक्षा आठ तक स्कूल संचालित होता मिला। बरियापुरवा के एनएस पब्लिक स्कूल में मान्यता के कागज देखे गए।
बच्चों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़
गैलरी में बैठकर पढ़ते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
खंड शिक्षा अधिकारी तालग्राम नीलम वर्मा ने कहा कि सभी विद्यालयों के संचालकों को नोटिस देकर दो दिन में मान्यता के कागज दिखाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रपत्र उपलब्ध न होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
संकुल प्रभारी सुदीप का कहना है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में भवन भी मान्यता के अनुसार नहीं है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं साथ हीहवा, रोशनी आदि की व्यवस्था भी न होने के कारण दर्जनों बच्चे एक ही कक्षा में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह स्कूल संचालक अभिभावकों से सुनहरे भविष्य का सपना दिखा मोटी फीस वसूल रहे हैं।