5,000 से ज्यादा दस्तावेज मिले
समूह की ओर से दिल्ली, नोएडा और कानपुर में प्लॉट, फैक्टरी, मॉल, रिसॉर्ट या तो खरीदे जा रहे हैं या बनवाए जा रहे हैं। समूह का कारोबार दो नंबर (नकद) में सबसे ज्यादा मिला है। इसमें सप्लायरों की मुख्य भूमिका है। उनके पास ही लेनदेन का लेखा-जोखा रखने वाले 5,000 से ज्यादा दस्तावेज मिले हैं। आयकर विभाग की जांच लगातार दूसरे दिन सभी प्रतिष्ठानों पर जारी है।
250 से ज्यादा अधिकारी छापेमारी में शामिल
आयकर विभाग के अफसरों ने एसएनके पान मसाला समूह और सप्लायरों पर मंगलवार को देशव्यापी छापा मारा था। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई, गोवा, दमन और दीव स्थित 55 प्रतिष्ठानों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। छह राज्यों में जारी जांच में 250 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं। कानपुर, बरेली, झांसी, ललितपुर और कन्नौज स्थित इत्र, तंबाकू, सुपाड़ी कारोबारी और ट्रांसपोर्टरों की जांच की जा रही है।
20 करोड़ के गहने और 11 करोड़ की नकदी मिली
टीमों ने एसएनके पान मसाला ब्रांड के मालिक नवीन कुरेले और प्रवीण कुरेले के स्वरूपनगर स्थित आवास, पनकी-रनियां स्थित फैक्टरी, गोदाम के अलावा मकरावटगंज स्थित कत्था कारोबारी, किदवईनगर, गोविंदनगर, नयागंज के जैन, बेनी ट्रेडर्स और सुपाड़ी कारोबारी आशीष, एक ट्रांसपोर्टर के प्रतिष्ठान समेत 15 जगहों पर कार्रवाई की। इसके साथ ही कन्नौज के इत्र कारोबारी पंडित चन्द्रवली एंड संस के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई। इत्र की फैक्टरी, कोल्ड स्टोरेज और अन्य प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया था। सूत्रों ने बताया कि एसएनके पान मसाला समूह और इत्र कारोबारी के प्रतिष्ठानों में मिलाकर 20 करोड़ के गहने और 11 करोड़ की नकदी मिली है। फैक्टरियों और सप्लायरों के प्रतिष्ठानों पर कच्चा और तैयार माल इतना मिला है कि इसका आकलन करने में कई दिन और लगेंगे।
कानपुर में अब तक की सबसे बड़ी कर चोरी
समूह से जुड़े लोग कारोबार का बड़ा हिस्सा दो नंबर यानी नकदी में चला रहे थे। इसमें इनके सप्लायर शामिल हैं। अब तक की जांच में दो हजार करोड़ की कर चोरी के दस्तावेज जांच में मिले हैं। इतनी बड़ी कर चोरी शहर में अब तक नहीं पकड़ी गई है। पांच साल पहले समूह पर आयकर छापा मारा गया था। इसमें 400 करोड़ का अघोषित कारोबार पकड़ा गया था। इसके अलावा शहर की एक पशु आहार बनाने वाली कंपनी में करीब 1,000 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई थी।