माघ पूर्णिमा पर महाकुंभ में स्नान के बाद श्रद्धालु खचाखच भरी ट्रेनों से लौट रहे हैं। बोगियों में लटककर और शौचालय के पास खड़े होकर सफर तय करना पड़ रहा है। गुरुवार को स्पेशल ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों के जवान तैनात रहे।
महाकुंभ के आखिरी प्रमुख अमृत स्नान माघी पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु वापसी कर रहे हैं। मेला स्पेशल ट्रेनों में इतनी भीड़ हो रही है कि लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को सेंट्रल पहुंची स्पेशल ट्रेन की बोगियों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कुछ लोग प्रयागराज से खड़े-खड़े तो कुछ शौचालय के पास बैठकर शहर आए। लोगों ने बताया कि हर 20 मिनट में प्रयागराज से ट्रेन है, लेकिन इनमें जगह नहीं मिल पा रही।
14 स्पेशल ट्रेनों से लौटे श्रद्धालु
स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी ने बताया कि गुरुवार को 14 मेला स्पेशल से श्रद्धालु वापस लौटे। वहीं, नाै स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए रवाना हुईं। दो दिन में 54 मेला स्पेशल सेंट्रल व गोविंदपुरी से चलाई गई हैं। अब स्टेशनों पर भीड़ सामन्य होने लगी है। सुबह-शाम की ही भीड़ बची है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी जारी है। क्यूआरटी, आरपीएफ, जीआरपी व रेलवे कर्मियों की ड्यूटी में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी फुट ओवरब्रिज और सीढ़ियों पर नजर रखे हुए हैं।
स्टेशन पर उमड़ी भीड़
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मेमू रैक से श्रद्धालु गंतव्य को रवाना
स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि सेंट्रल पर होल्डिंग एरिया में वापसी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बसें भी खड़ी कराई गई हैं, जिनसे लोग गंतव्य के लिए जा सकते हैं। गुरुवार को झांसी, दिल्ली, फर्रुखाबाद आदि रूटों पर मेमू रैक भी चलाई गई।
श्रद्धालुओं को मिला स्वास्थ्य लाभ
सेंट्रल के प्लेटफार्म एक पर मेडिकल कैंप में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है। डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह ने बताया कि प्रयागराज से लौटने वाले जो श्रद्धालु सर्दी, जुकाम, बुखार या पैदल चलने के कारण अस्वस्थता बताते हैं, उनका उपचार करने के बाद आगे के लिए रवाना किया जा रहा है। मेडिकल कैंप में स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई गई है।
रोडवेज की बसें
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हाईवे पर जाम की वजह से बसों से कम आ रहे लोग
प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर जाम की वजह से लोग बसों से आने में कतरा रहे हैं। झकरकटी बस अड्डा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज तिवारी ने बताया कि 24 घंटे में 150 बसों से करीब 30 हजार लोग ही लौटे। बताया कि आम दिनों में प्रयागराज से शहर आने में चार घंटे लगते है, लेकिन हाईवे पर जाम होने से अधिक समय लग रहा है। जाने में तो बसें फुल गईं लेकिन वापसी में लोग कम आ रहे हैं।