फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीनियर बोला " रैगिंग तो आईआईटी का कल्चर है"

Sun, 17 Sep 2017 01:43 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
देश के सबसे बड़े ‌श‌िक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी कानपुर में रै‌ग‌िंग का मामला सामने आया है। इसमें स्टूडेंट जिमखाना के प्रेसिडेंट के साथ 22 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। जूनियर स्टूडेंटों पर गलत हरकतें करने के लिए सी‌न‌ियर दबाव बना रहे थे।
विज्ञापन


आईआईटी कानपुर में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में स्टूडेंट जिमखाना के प्रेसिडेंट रितुज जुगाड़े और पूर्व छात्र निखिल कुरेले का नाम भी सामने आया है। डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने जुगाड़े को प्रेसिडेंट पद से हटाने और सभी 22 आरोपी छात्रों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है।

इसके अलावा एक पूर्व छात्र निखिल कुरेले पर एफआईआर और कैंपस में आने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश हुआ है। मामले की जांच कर रही सीनेट स्टूडेंट्स अफेयर्स कमेटी (सैक) ने इसकी सिफारिश की थी। आरोप है कि रैगिंग की जानकारी जुगाड़े को थी। कुछ जूनियर स्टूडेंटों ने इसकी शिकायत जुगाड़े से की थी तो उन्होंने मदद करने से इंकार कर दिया था।
विज्ञापन


जांच में यह बातें सामने आई हैं इसलिए शनिवार को जांच कमेटी की सिफारिशों पर शनिवार को प्रो. मन्ना ने मुहर लगा दी। इस बाबत आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। अब डीन स्टूडेंट अफेयर्स पर जिम्मेदारी है कि वह इस आदेश का पालन करवाए। आरोपी छात्रों के टर्मिनेशन की सिफारिश पर सीनेट की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। डायरेक्टर प्रो. मन्ना ने कहा कि रैगिंग के मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

डेमो पिक
ये है मामला
आईआईटी में रैगिंग का मामला 14-15 व 20 अगस्त की रात का है। आरोप है कि इंस्टीट्यूट के हॉल-2 (स्टूडेंट हॉस्टल) में कई सीनियरों ने जूनियर स्टूडेंटों पर गलत हरकतें करने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर उन्हें गालियां दी गईं। कुछ ने पिटाई करने का भी आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित जूनियर छात्रों की शिकायत पर डीन स्टूडेंट अफेयर्स और एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच करने के बाद 22 आरोपी छात्रों को चिन्हित किया था। चिन्हित किए गए छात्रों को टर्मिनेट करने और उनपर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। इसमें एक नाम स्टूडेंट जिमखाना के प्रेसिडेंट रितुज जुगाड़े का भी शामिल था। इसके अलावा 14-15 की रात ट्रेजरर हंट कार्यक्रम के बाद बीटेक प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों को सीनियर स्टूडेंटों के हॉल-1 और पूर्व छात्र निखिल कुरेले के कमरे में भेजा गया था। जहां उनके साथ रैगिंग की गई थी।

पीड़ित छात्रों को फेसबुक पर मिल रहीं धमकियां
रैगिंग की शिकायत करने के बाद हॉल-2 के पीड़ित छात्रों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आईआईटी कन्फेशन के फेसबुक पेज पर कई सीनियरों ने कहा है कि अब हॉल-2 के जूनियर छात्रों को किसी भी तरह की मदद नहीं दी जाएगी। उन्हें अंतराग्नि, उद्घोष, ई-सेल सहित किसी भी क्लब और कमेटी में शामिल नहीं किया जाएगा। चार साल तक उन्हें यूं ही परेशान होना पड़ेगा। एक छात्र ने गाली देते हुए हॉल-2 के छात्रों को आईआईटी नानकारी में शिफ्ट कराने की बात कही है।
 
विज्ञापन

डेमो पिक

सीनियर ने इंस्टीट्यूट का कल्चर बताया 
इंस्टीट्यूट में रैगिंग की घटनाएं पिछले चार पांच साल में काफी बढ़ गई हैं। एक सीनियर छात्र ने इसे इंस्टीट्यूट का कल्चर बताते हुए स्वीकार करने की बात कही है। उसने अपने साथ हुई घटना का भी जिक्र किया है। फेसबुक पेज आईआईटी कन्फेशन पर लिखा है कि उसके सीनियरों ने उसे सबसे पहले भद्दा इशारा करते हुए कुछ बोला था। पहले वह समझ नहीं पाया लेकिन बाद में वह समझ गया और वैसा कर दिया जैसा करने को कहा गया था।


- आईआईटी में 22 आरोपी छात्रों पर एफआईआर होगी-निदेशक
- एक पूर्व छात्र के कैंपस में आने पर प्रतिबंध का आदेश 
- आजादी के जश्न के बाद आईआईटी छात्रों से की गई थी रैगिंग 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें