‘मंगलवार रात (12मई ) सभी जेआर प्रथम वर्ष को काम छोड़कर इमरजेंसी बुलाया गया और मुर्गा बनने को कहा गया। मैंने विरोध किया तो डॉ. संदीप विश्नोई, डॉ. राजेश बहादुर, डॉ. विकास विलाडिया, डॉ. रोहित जैन, डॉ. मनोज कौशिक और डॉ. हेमराज सैनी ने घेर लिया। डॉ. हेमराज सैनी ने सबसे पहले थप्पड़ मारा।
फिर सभी ने पिटाई की। भागने की कोशिश की तो दरवाजा बंद कर पीटा। धारदार हथियार से हमला किया गया। मेरी गुजारिश है कि स्वरूप नगर पुलिस रैगिंग की धारा बढ़ाए और आरोपियों को गिरफ्तार करे।’
ये बयान जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रैगिंग पीड़ित जूनियर डॉक्टर हर्षवर्धन राजपूत ने स्वरूप नगर पुलिस के सामने दर्ज कराए हैं। सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार की अगुवाई में टीम शुक्रवार देर रात एनआरएच हॉस्टल में पहुंची।
यहां हड्डी रोग विभाग में प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टर हर्षवर्धन से बीती 12 मई को हुए घटनाक्रम के बारे में सिलसिलेवार जानकारी ली। बयान दर्ज करने के बाद विवेचक ने घटनास्थल का पूरा नक्शा तैयार किया।
डॉ. हर्षवर्धन ने रैगिंग की धाराएं बढ़ाने की मांग की तो विवेचक ने इस संबंध में जानकारी लेने की बात कही। इधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन पहले ही एग्जाम की आड़ लेकर मामले में आगे की कार्रवाई को मंगलवार तक के लिए टाल चुका है।
वहीं निलंबन के बाद भी डॉ. हेमराज सैनी के विभाग में काम करने की बात मीडिया में आने के बाद डॉ. सैनी शनिवार को विभाग में नहीं दिखे।