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UP: विधायक के हॉस्टल में रेडियोलॉजी की छात्रा ने दी जान, बेटी की मौत से डॉक्टर पिता के सपने हो गए चकनाचूर

Mon, 15 Sep 2025 03:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर स्थित विधायक के हॉस्टल में रेडियोलॉजी की छात्रा ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर छात्रा का शव निकाला। अवसाद में रहने की बात सामने आई है। बेटी की मौत से डॉक्टर पिता के सपने चकनाचूर हो गए।
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छात्रा ने की आत्महत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कानपुर के काकादेव थाना इलाके के रानीगंज इलाके में रविवार शाम एक विधायक के गर्ल्स हॉस्टल में रेडियोलॉजी की छात्रा ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। वार्डन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला।
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फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज के गांव रजीपुर निवासी डॉ. अर्धेदु कुमार धर की बेटी पलक धर (18) एक वर्ष पहले काकादेव के रानीगंज स्थित एवी गर्ल्स हॉस्टल में रहने के लिए आई थी। 

वह सीएसजेएमयू में रेडियोलॉजी की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पांडुनगर चौकी इंचार्ज दीपक तिवारी के अनुसार रूम पार्टनर आराध्या मिश्रा ने बताया कि रविवार शाम कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने पलक धर को कई बार कॉल की और दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। 
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इसके बाद मेस संचालक को जानकारी दी। वार्डन की सूचना पर पहुंची पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़ा तो पंखे से दुपट्टे के सहारे पलक का शव लटक रहा था। पूछताछ में पता चला है कि छात्रा को अवसाद व एंजाइटी की समस्या थी। 

उसकी छोटी बहन दीप्ति बिठूर में रहकर पढ़ाई कर रही है। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों को सूचना दी गई है। उनके आने पर ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। 

 

बेटी की मौत से डॉक्टर पिता के सपने हो गए चकनाचूर
कानपुर के काकादेव के हॉस्टल में रेडियोलॉजी छात्रा पलक धर की आत्महत्या की सूचना जैसे ही छोटी बेटी दीप्ति ने हार्ट के डॉक्टर पिता अर्धेदु कुमार धर और मां रेखा को दी वह लोग सिर पकड़कर बैठ गए। पिता को जानकारी देते हुए दीप्ति भी बेहोश हो गई। 
 

उधर, बेटी की मौत से डॉक्टर पिता के सपने भी चकनाचूर हो गए। देर रात परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। मां बिल्कुल बेचैन दिखीं। वहीं, पिता को लोग संभालते नजर आए। पिता अर्धेदु खुद हृदय के मरीज हैं। उन्हें लोग ढांढस बंधाते रहे। 

 

वहीं, हॉस्टल में पलक धर के साथ रहने वाली रूम पार्टनर आराध्या मिश्रा और अन्य छात्राओं ने बताया कि पलक काफी होनहार थी। वह बीएमआरआईटी (बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी) की प्रथम वर्ष की छात्रा था। हालांकि, वह अवसाद और एंजाइटी से परेशान थी लेकिन बीमारी को पढ़ाई के आगे कभी भी हावी नहीं होने दिया।

 

रविवार सुबह वह लोग उठे और चर्चा करने लगे लेकिन उसे क्या पता था कि वह बात आखिरी बार हो रही है। उसका सपना था कि वह चिकित्सा इमेजिंग के क्षेत्र में एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम की पढ़ाई करने के बाद अपने पैरों पर खड़ी होगी लेकिन इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
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काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल सुसाइड का कारण डिप्रेशन और एंजाइटी ही वजह बताई जा रही है।
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