बैंक में किसी व्यक्ति के एक से अधिक खाते हैं और सभी में जमा हुई रकम का जोड़ ढाई लाख रुपये से अधिक है तो भी बैंकों को इसकी सूचना आयकर विभाग को भेजनी है। यही व्यवस्था करेंट एकाउंट पर भी लागू है। मसलन किसी व्यक्ति ने करेंट एकाउंट में 11 लाख जमा किए और बचत खाते में दो लाख तो यह रकम 13 लाख हो गई। इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी होगी। ऐसा नहीं है कि करेंट एकाउंट में 12.50 लाख रुपये से कुछ कम जमा करने पर वह जांच के दायरे से बच जाएगा।
आयकर निदेशक (इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) प्रदीप एस. हेडाऊ ने मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित आयकर भवन में यूपी और उत्तराखंड के सहकारी बैंकों और डाक विभाग के अधिकारियों को यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चालाकी से कोई व्यक्ति अपनी आय कम दिखाने का प्रयास कर रहा है तो उसकी चालाकी सामने आनी चाहिए। इस वजह से व्यक्ति के जितने भी खाते हैं, उन सभी में जमा हुई रकम का ब्यौरा तलब किया है। यह सूचना इनकम टैक्स इंडिया की वेबसाइट पर ऑनलाइन स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) के माध्यम से दाखिल करनी है। आखिरी तारीख 31 जनवरी है। इसके बाद भी सूचना नहीं देने वाले अधिकारी पर प्रतिदिन पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सूचना सिर्फ नौ नवंबर से 30 दिसंबर के बीच हुए लेनदेन के बारे में दी जानी है। इस दौरान अपर आयकर निदेशक एसएच उस्मानी, आयकर अधिकारी विभ्रव सत्यार्थी, शिवपूजन आदि मौजूद रहे।
एसएफटी भरने का तरीका बताया
विभाग की उपनिदेशक डॉ. संगीता यादव ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये एसएफटी भरने का तरीका बताया। कहा कि स्टेटमेंट दाखिल करते समय धाताधारकों का स्पष्ट, सही व पूर्ण विवरण, पैन, पता, मोबाइल नंबर आदि की जानकारी देना जरूरी है। बैंकों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण कर जांच की जाएगी। अघोषित आय पाए जाने की स्थिति में आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के शक के दायरे में आए खाताधारकों की जांच आयकर निदेशालय जांच, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई या अन्य एजेंसी से कराई जा सकती है।
यहां करें जानकारी
बैंक अधिकारियों को ऑनलाइन स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के जरिये सूचना देने में कोई दिक्कत आ रही हो तो वे मोबाइल नंबर 9918805500 पर जानकारी कर सकते हैं।