मौलाना मतीनुल हक ओसामा के अगला शहरकाजी घोषित होने के बाद से नाराज चल रहे हाफिज अब्दुल कुद्दूस को शहरकाजी बनाने पर मुहर लग सकती है।
इसके लिए गठित सात सदस्यीय कमेटी अवाम, मुस्लिम बुद्धिजीवियों और उलेमा से राय ले रही है। सात फरवरी को रागेंद्र स्वरूप आडिटोरियम में होने वाले समारोह में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इस फैसले के बाद देवबंदी विचारधारा से भी दो शहरकाजी हो जाएंगे।
सात सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर फैसला मछरिया मदरसा के मौलाना मुख्तार और भैंसिया हाता मदरसा के कारी अब्दुस्सतार जामई सुनाएंगे। कमेटी में मौलाना आजाद अब्दुल्ला मजाहिरी के अलावा मौलाना नूरुल हुदा, मौलाना मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद अरशी, मोहम्मद रिजवान खान, मोहम्मद दिलशाद, हाफिज अब्दुल हलीम हैं।
मौलाना आजाद ने बताया कि कमेटी के सदस्य अलग-अलग राय ले रहे हैं, जो सात फरवरी को रिपोर्ट देंगे। मौलाना के मुताबिक ज्यादातर अवाम हाफिज कुद्दूस को शहरकाजी देखना चाहती है।
मुफ्ती आजम के पद को लेकर भी सुगबुगाहट
मुफ्ती मंजूर अहमद मजाहिरी की वृद्धावस्था और बीमारी की वजह से अगला शहरकाजी घोषित करने के बाद मुफ्ती-ए-आजम के पद को लेकर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। वे शहरकाजी होने के साथ मुफ्ती-ए-आजम भी हैं।
कुछ का मानना है कि मुफ्ती साहब पद को संभालने में सक्रिय नहीं हैं तो मुफ्ती-ए-आजम के पद पर भी एक्टिव उत्तराधिकारी घोषित होना चाहिए। शहर के कई बड़े मुफ्ती इस पद के लिए चर्चाएं कर रहे हैं।