कानपुर। शहर की जर्जर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन ने पीडब्ल्यूडी को 1.94 करोड़ की पहली किस्त जारी की है। त्योहार से पहले सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए हैं। पीडब्ल्यूडी के अनुसार मौसम सही होते ही पक्का पैचवर्क शुरू करा दिया जाएगा। नगर निगम ने भी तैयारियां पूरी होने और सड़कें सूखते ही तेजी से पैचवर्क कराने का दावा किया है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम और पीडब्ल्यूडी ने पांच दिन पहले बरसात में टूटी सड़कों का सर्वे कराया। नगर निगम की 146 सड़कों में गड्ढे मिले। इनकी लंबाई 301 किलोमीटर है। इन्हें चमाचम कराने का अनुमानित खर्च 13 करोड़ रुपये आने की संभावना है। पीडब्ल्यूडी की 711 किलोमीटर सड़कों मे गड्ढे होने का पता चला। इनमें से 128 सड़कें प्रांतीय खंड की हैं जिनकी लंबाई 421 किलोमीटर है। निर्माण खंड की 167 सड़कों में गड्ढे हैं जिनकी लंबाई 290 किलोमीटर है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने अपनी सड़कों की मरम्मत के लिए 1.88 करोड़ रुपये और निर्माण खंड-2 ने इस कार्य के लिए 2.60 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्तावों को पीडब्ल्यूडी कानपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता रविदत्त ने शासन भेजा। शासन ने इस कार्य के लिए पहली किस्त के रूप में प्रांतीय खंड को 97.34 लाख रुपये और निर्माण खंड-दो को 96.98 लाख रुपये जारी किए हैं। नगर निगम ने भी कुछ सड़कों के पैचवर्क के लिए टेंडर करा लिए हैं। अन्य के भी दो-तीन दिन में टेंडर पड़ जाएंगे। इसी तरह एनएच पीडब्ल्यूडी भी जीटी रोड पर पक्का पैचवर्क कराने के लिए मौसम सही होने और सड़कें सूखने का इंतजार कर रहा है।
कोट
गड्ढे भरवाने के लिए 16 सितंबर को रात में कई हाटमिक्स प्लांट चालू कराए थे पर पानी बरसने की वजह से पैचवर्क नहीं हो पाया। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौसम सही होते ही पैचवर्क कराएंगे। - एसएफए जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
पैचवर्क कराने के लिए शासन से पहली किस्त जारी हो गई है। तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मौसम सही होते ही पैचवर्क कराया जाएगा। -अनिल कुमार, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
इनसेट-
- नगर निगम क्षेत्र - 267 वर्ग किलोमीटर
- शहर में सभी विभागों की सड़कों की लंबाई - 3681 किलोमीटर
- नगर निगम की गड्ढों वाली सड़कें - 301 किलोमीटर
- पीडब्ल्यूडी की गड्ढायुक्त सड़कें - 711 किलोमीटर
- दोनों विभागों का पैचवर्क पर होने वाला खर्च - 17.48 करोड़ रुपये