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Kanpur News: अंगूठा लगाओ, दो दिन बाद एक से दो किलो राशन कम ले जाओ

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कानपुर। शासन के निर्देशों और इलेक्ट्रिक कांटे जैसी पारदर्शी व्यवस्था में भी सरकारी राशन के दुकानदारों ने सेंध लगा दी है। पात्र गृहस्थी वाले कार्डधारक को गेंहू और चावल मिलाकर पांच किलो राशन दिया जाता है। जिले के ज्यादातर कोटेदार शासन की ओर से आवंटित कंप्यूटराइज्ड कांटे का उपयोग केवल अंगूठा लगवाने के लिए कर रहे। दो दिन बाद कार्ड धारकों को राशन देने के लिए बुलाते हैं। इसके बाद प्रत्येक राशन कार्ड में एक से दो किलो कम राशन देते हैं। अमर उजाला की टीम ने शहर से लेकर देहात क्षेत्र की राशन दुकानों की पड़ताल की तो ज्यादातर कोटेदारों की कार्ड धारकों का अंगूठा पहले लगाने की तो कहीं पर घटतौली और बार-बार चक्कर लगवाने की शिकायतें मिलीं।
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पहले फिंगर लगवाते फिर राशन लेने के लिए बुलाते
रतनपुर कॉलोनी के कटियार चौराहा स्थित कोटेदार के यहां करीब एक हजार से अधिक कार्डधारक हैं। कोटेदार ने कार्डधारकों को सोमवार को सिर्फ अंगूठा लगवाने के लिए बुलवाया था। राशन तीन दिन बाद देने के लिए कहा। कार्डधारक प्रेमा शर्मा ने बताया दो महीने से राशन नहीं मिला है। पिछले महीने अंगूठा लगाने के बाद भी राशन नहीं मिला। इस महीने फिर अंगूठा लगाने के लिए आए हैं। मंजू शर्मा ने बताया कि चार यूनिट कार्ड में हैं लेकिन कोटेदार सिर्फ तीन यूनिट का राशन देता है।


घर में चार यूनिट, राशन मिला 18 किलो
बर्रा सात स्थित समावती कोटेदार के यहां राशन लेने वालों की भीड़ थी। बर्रा सात निवासी कोमल, सुरेश गुप्ता राशन लेकर बाहर निकले। उन्होंने बताया कि घर में चार यूनिट हैं लेकिन राशन 18 किलो ही दिया। कई बार इसके लिए विरोध किया तो कोटेदार ने कार्ड निरस्त कराने की धमकी दे दी। इसी तरह बर्रा आठ में केडीएमए स्कूल के सामने कोटेदार पर पहले ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने का आरोप लगाया। कार्डधारक अजय ने बताया दो दिन पहले अंगूठा लगवाया था अब राशन दिया वह भी कम।
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पांच यूनिट दर्ज, मिल रहा चार यूनिट का राशन
लाल बंगला के काज़ीखेड़ा स्थित कोटेदार के यहां भीड़ नहीं थी। इक्का-दुक्का लोग ही राशन ले रहे थे। ज्ञान प्रकाश साहू राशन लेकर बाहर निकले तो बताया कि घर में पांच यूनिट हैं लेकिन 20 किलो ही राशन मिला है। कई बार अंगूठा लगवा लेते दूसरे दिन देते हैं। परदेवनपुरवा के अरविंद ने बताया कि घर में तीन यूनिट हैं लेकिन राशन 12 किलो ही दिया है। इस तरह हर बार वितरित करते हैं। वहीं, गांधीग्राम त्रिमूर्ति मंदिर की गली में दो राशन की दुकानें दोनों बंद मिलीं। कई कार्डधारक वापस जाते दिखे।


राशन के लिए तीन घंटे करते रहे इंतजार, कोटेदार गायब
चौबेपुर के निघनीपुरवा स्थित कोटेदार के यहां भीड़ जुटी थी। मौके पर कोटेदार नहीं था। लोगों ने बताया कि तीन घंटे से राशन के लिए लोग इंतजार कर रहे। वहीं पर मौजूद मिघनी पुरवा गांव की मालती ने बताया कि उनका लाल कार्ड है 35 किलो के बजाय उन्हें 32 किलो राशन मिलता है। अंशु ने बताया घर में पांच यूनिट हैं उन्हें 20 किलो राशन दिया जा रहा। विरोध करने पर नाम काटने की धमकी देते हैं। चौबेपुर कस्बे की दोनों राशन दुकानें बंद मिलीं।


11:30 बजे तक राशन बांटा, कई के अंगूठे लगवाए
पतारा ब्लाॅक के रायपुर स्थित राशन की दुकान खुली थी लेकिन काटेदार गायब थे। कई उपभोक्ता कोटेदार का इंतजार करते मिले। कार्डधारक मंजू सचान, माधुरी शुक्ला ने बताया कि 11:30 बजे तक राशन बांटा इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक कांटा खराब होने की बात कहकर मंगलवार को राशन बांटने को कहा है। कई लोगों का अंगूठा भी लगवा लिया है। दुकान पर पात्र गृहस्थी 416 और अंत्योदय कार्ड 42 हैं।


घटतौली की हुई शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
शिवराजपुुर ब्लाॅक के गुरैनी गांव स्थित राशन दुकानदार के यहां लाइन लगी थी। गांव के महेंद्र के यहां तीन यूनिट हैं लेकिन 12 किलो ही राशन दिया। इसी तरह राहुल ने बताया कि घर में चार सदस्य हैं लेकिन 17 किलो राशन दिया। घटतौली की शिकायत एसडीएम से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


बायोमिट्रिक मशीन अटैच से तौल नहीं, दूसरे से हो रही तौल
सरसौल के कमालपुर स्थित कोटेदार के यहां कार्डधारकों को राशन वितरित होते मिला। कोटेदार मौके पर दो इलेक्टि्रक तराजू रखे मिले। जिस तराजू में बायोमिट्रिक मशीन अटैच थी उसमें तौल नहीं हो रही थी। दूसरे तराजू से तौल हो रही थी। बायोमिट्रिक तराजू से तौल न करने की बात पूछी तो कोटेदार ने खराब होने की बात बताई।

वर्जन-
अगर कहीं की शिकायत आती है उसकी जांच कराई जाती है। दोषी मिलने पर कार्रवाई होती है। अगर कोई पहले से अंगूठा लगवा रहा और राशन कम दे रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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