कानपुर देहात। घाटमपुर क्षेत्र के भदौली गांव से किशोरी के अपहरण के मामले मेें फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने बताया कि कानपुर नगर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के भदौली गांव निवासी सियाराम ने गजनेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को गांव का ही प्रमोद उर्फ अंकित कुशवाहा ले गया है।
मामले की रिपोर्ट 18 मई 2016 को दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई एडीजी-1 फास्ट ट्रैक कोर्ट अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की अदालत में चल रही थी। अभियोजन की ओर से गवाह के रूप में वादी, उसकी पुत्री, पत्नी, विवेचक, डॉक्टर, एफआईआर लेखक पेश किए गए, जिन्होंने घटना की पुष्टि की।
बचाव पक्ष ने जमीनी रंजिश में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। इसका अभियोजन ने विरोध किया। एडीजीसी ने बताया कि गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने प्रमोद उर्फ अंकित को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये अर्थदंड जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।