दहेज में बाइक और बीस हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर बहू को जलाकर मारने के मामले में आरोपी सास को अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो ऋचा जोशी ने तीन साल कैद की सजा सुनाई है। दहेज हत्या में नामजद पति और ससुर की मौत हो चुकी है।
यह घटना 13 अप्रैल 1991 की है। चांदपुर थाने के आजमपुर गढ़वा निवासी श्यामला की शादी वर्ष 1987 में बिंदकी कोतवाली के सीतापुर निवासी अरविंद से हुई थी। अधिवक्ता के मुताबिक, शादी के कुछ दिन तो सब ठीक चला, इसके बाद ससुरालीजनों ने दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
दहेज में बाइक और बीस हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर 13 अप्रैल 1991 को पति, सास जय रानी और ससुर दया शंकर ने श्यामला को जलाकर मार डाला था। श्यामला के भाई राजबहादुर ने बिंदकी कोतवाली में पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुकदमा के दौरान पति और ससुर की मृत्यु हो गई थी। 85 वर्षीय सास जयरानी जेल में बंद है। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो ऋचा जोशी ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार और जगदीश सिंह ने पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने सास को दोषी मानते हुए तीन वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।