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मंदिर के सेवादार को ऐसे मारा जैसे जन्मों पुरानी दुश्मनी हो, अमरूद की बगिया में छुपा मौत का रहस्य

Sat, 11 Nov 2017 11:43 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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गांव गौरापुरा मंदिर के वह स्थान जहां बदमाशों ने सेवादार की हत्या की। - फोटो : अमर उजाला
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इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के गौरापुरा में गुरुवार रात को पंचमुखी हनुमान मंदिर पर सेवादार की सिर कुचलकर की गई हत्या के पीछे कीमती जमीन तो कारण नहीं है। हत्या का स्पष्ट कारण तो पता नहीं चल सका लेकिन इस बात की आशंका जताई जा रही है। एसएसपी  ने बताया कि जमीन के विवाद के अलावा अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है। 
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ठडेश्वर गिरी महाराज आकर रहने  लगे थे

मंदिर का वह स्थान जहां पुजारी और सेवादार खाना बना रहे थे। - फोटो : अमर उजाला
शहर से सटे गौरापुरा गांव में दो दशक पहले एक बाबा लवकुश गिरी उर्फ ठडेश्वर गिरी महाराज आकर रहने  लगे थे। तब गांव के प्रधान रहे लाला राम ने उन्हें आश्रम बनाने के लिए ग्राम समाज की करीब नौ बीघा जमीन दे दी थी। गांव के लोगों के सहयोग से वहां पर मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर के पास ही अमरूद का बाग लगा दिया था। मंदिर में आसपास के लोग आते थे। पिछले दिनों इटावा नगर का विस्तार हुआ। गौरापुरा गांव तक लोगों ने प्लॉट खरीदकर अपने मकान बनवाने शुरू कर दिए। इस कारण से वहां की जमीन की कीमत काफी बढ़ गई।

लोगों की निगाह मंदिर की जमीन पर लगी थी

गौरापुरा में बना पंचमुखी हनुमान मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के आसपास के खेताें में प्लाटिंग हो चुकी है। लोगों की निगाह मंदिर की जमीन पर लगी थी। कुछ लोग उस जमीन को हथियाने की फिराक में थे। करीब छह माह पहले ठंडेश्वर गिरी महाराज ने समाधि ले ली थी। उसके बाद मंदिर की देखरेख व पूजा-पाठ का काम वहां रह रहे फागुन गिरी ने संभाल ली थी। एक साल से मंदिर में पहलवान आसाराम यादव  भी आने-जाने लगे थे। वह वहां पर कभी कभार रुक भी जाते थे । वह मंदिर में रहकर सफाई आदि का काम करते थे। गुरुवार रात को भी वह मंदिर में ही रुक गए।
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सेवादार आसाराम के भाई अरविंद यादव। - फोटो : अमर उजाला
जब फागुन गिरी व आसाराम अपने लिए खाना बना रहे थे तभी छह सात लोग उधर से आ धमके और दोनों को मारना पीटना शुरू कर दिया। चूंकि आसाराम पहलवानी करते रहे थे इस कारण वह बदमाशों ने भिड़ गए। इसी बीच मौका पाकर पुजारी फागुन गिरी वहां से भाग निकले। बदमाश आसाराम को मारपीट करते हुए अमरूद की बगिया में ले गए और उन्हें सिर कुचल कर हत्या कर दी। अब सवाल उठता है कि बदमाशों ने आसाराम की हत्या क्यों की? उनके नाम तो कुछ नहीं था वह तो केवल सेवादारी करने के लिए जाते थे। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस हर बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। मामले का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
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