कानपुर देहात। जिला अस्पताल परिसर में कई दिन से घूम रहे मनोरोगी की निर्माणाधीन वन स्टाप सेंटर के खुले सीवर टैंक में गिरने से मौत हो गई। सोमवार को बदबू उठने पर पुलिस ने जांच कराई तो टैंक में शव उतराता मिला।
जिला अस्पताल परिसर में अपराध पीड़ित महिलाओं की मदद और काउंसिलिंग के लिए वन स्टाप सेंटर बनवाया जा रहा है। लगभग एक वर्ष पूर्व भवन निर्माण शुरू हुआ था। बीच में ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया। सीवर टैंक में ढक्कन तक नहीं रखवाया। इसकी वजह से कई दिन से जिला अस्पताल में घूम रहे मनोरोगी की खुले सीवर टैंक में गिरने से मौत हो गई।
उसका शव सोमवार को टैंक में भरे गंदे पानी में उतराता मिला। जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस व सीएमएस को दी। कोतवाल तुलसीराम पांडेय पुलिस बल के साथ मौक पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीवर टैंक का ढक्कन बंद होता तो हादसा नहीं होता।
ठेकेदार को एक माह पूर्व दी जा चुकी नोटिस
कानपुर देहात। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग वन स्टाप सेंटर का निर्माण ठेकेदार के माध्यम से करा रहा है। ठेका उन्नाव की श्री कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। ठेकेदार राजकिशोर ने बेहद धीमी गति से और मनमाने तरीके से काम कराया है।
काफी दिनों से काम बंद होने पर एक माह पूर्व ठेकेदार को नोटिस दिया गया था। इसका उसने जवाब तक नहीं दिया। सहायक अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि निर्माणाधीन वन स्टाप सेंटर के खुले सीवर टैंक में गिरने से एक युवक की मौत की जानकारी मिली है। ठेकेदार को जल्द दूसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद ठेका रद्द कर किसी और से काम कराया जाएगा।