कानपुर देहात। प्रदेश की चर्चित घटना बिकरू कांड मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार को मामले में तीन आरोपियों की ओर से अभियोजन गवाह से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। गवाह ने जिरह में बताया कि इस प्रकरण में जयकांत बाजपेई का नाम कैसे आया मैं नहीं जानता। साथ ही यह भी कहा कि मैंने अपने बयानों में जयकांत का नाम नहीं लिया ही नहीं है। अदालत ने मामले के अन्य आरोपियों की जिरह का अवसर समाप्त कर सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तिथि नियत की है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार को मामले में अभियोजन गवाह दरोगा सुधाकर पांडेय से आरोपी रामसिंह, प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू व जयकांत बाजपेई की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। जयकांत बाजपेई की ओर से अधिवक्ता के पूछे गए सवाल पर गवाह ने बताया कि मैंने घटना के समय जयकांत बाजपेई को नहीं देखा है और न ही अपने बयानों में उसका नाम लिया है। उसका नाम इस प्रकरण में कैसे आया मैं नहीं जानता। इसी तरह गवाह ने आरोपी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू को जानने पहचानने से इंकार करते हुए उसका नाम भी अपने बयानों में नहीं लेने की बात कही। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीन आरोपियों की ओर से जिरह पूरी हो गई है। शेष आरोपियों की ओर से गवाह से जिरह के लिए बचाव पक्ष के अदालत में उपस्थित न होने पर अदालत ने उनका जिरह का अवसर समाप्त कर दिया है।