पड़ताल के लिए रजिस्ट्री कार्यालय से ब्यौरा मांगा गया है। सिपाही से भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन वह आय के स्रोत नहीं बता सका। उसका कहना है कि सभी संपत्तियां उनके पारिवारिक सदस्यों की हैं। इससे उसका कुछ भी लेना देना नहीं।
आयकर विभाग इसी तथ्य की पड़ताल कर रहा है। यदि इन संपत्तियों में सिपाही का धन लगा होना साबित हुआ तो आयकर विभाग का बेनामी विंग इन्हें अटैच कर सकता है। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही की संपत्ति उसकी आय से अधिक है। कितनी अधिक है यह जांच के बाद ही तय होगा।