सर्वोदय नगर स्थित यूपिका (उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव एसोसिएट्स) भवन की जमीन पर प्रस्तावित कामर्शियल प्रोजेक्ट से केडीए ने किनारा कर लिया है। जमीन पर बैंक के 100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज की जानकारी मिलने पर केडीए वीसी ने फिलहाल इसे ठंडे बस्ते में डालने का फैसला किया है। केडीए वीसी ने जमीन के बदले सिर्फ 30 करोड़ रुपये देने की बात कही है।
लैंडबैंक की कमी से जूझ रहे केडीए ने सरकारी विभागों की जमीन लेने का प्रयास शुरू किया है। विकास नगर स्थित रोडवेज की जमीन पर केडीए इस प्लान पर अमल कर चुका है। इससे उत्साहित केडीए ने यूपिका की 5162 वर्गमीटर जमीन पर दो बेसमेंट पार्किंग और कामर्शियल कांप्लेक्स का प्रस्ताव तैयार किया था। केडीए ने 30 करोड़ रुपये, यूपिका का नया ऑफिस बनाकर देने और प्रोजेक्ट से होने वाले लाभ में 50 फीसदी की हिस्सेदारी का प्रस्ताव यूपिका को भेजा। प्रस्ताव की जानकारी होने पर बैंक ने केडीए वीसी को पत्र लिखकर अपने कर्ज की जानकारी दी।
केडीए वीसी जयश्री भोज ने बताया कि यूको बैंक ने जमीन पर 100 करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी है। इतनी बड़ी धनराशि चुकाने के बाद प्रोजेक्ट की लागत कई गुना बढ़ जाएगी। इसको देखते हुए फिलहाल इस प्रोजेक्ट को स्थगित कर दिया गया है।