फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैशटैग ‘सेव दि आईआईटी’ अभियान शुरू,  प्रोफेसरों ने छोड़ा कामकाज, पत्नियों ने दिया धरना

Wed, 21 Nov 2018 11:42 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
निदेशक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के दलित असिस्टेंट प्रोफेसर के उत्पीड़न में चार प्रोफेसरों पर हुई एफआईआर के बाद से विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। फोरम की सभी मांगें ठुकराए जाने से नाराज प्रोफेसरों ने बुधवार से असहयोग आंदोलन की शुरूआत कर दी। प्रोफेसरों ने प्रशासनिक कामकाज छोड़ दिया तो उनकी पत्नियों ने निदेशक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। 
विज्ञापन


प्रोफेसरों ने मांग की है कि चारों प्रोफेसरों पर लगे आरोपों को निदेशक स्पष्ट करें और बताएं कि क्या सभी आरोप सही साबित हुए हैं या नहीं। जब इंस्टीट्यूट प्रशासन ने चारों के खिलाफ एससी-एसटी उत्पीड़न का कोई मामला नहीं पाया है तो उनपर क्यों एफआईआर की गई। प्रोफेसरों की पत्नियों ने मांग की कि इंस्टीट्यूट प्रशासन चारों प्रोफेसरों का केस लड़े और मीडिया को भी स्पष्ट करे कि चारों पर एससी-एसटी का कोई मामला नहीं है। प्रोफेसरों की पत्नियों का एक प्रतिनिधिमंडल निदेशक से मिला लेकिन निदेशक ने उनकी सभी मांगों को मानने से इंकार कर दिया।

निदेशक बोले, आप लोग मामले को उछाल रही हैं
प्रोफेसरों की पत्नियों से मुलाकात के दौरान निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने धरना-प्रदर्शन को गलत ठहराया। कहा कि आप विरोध करके इस मामले को उछाल रही हैं। ऐसे में इसका निस्तारण सही तरीके से नहीं हो पाएगा। उन्होंने सभी को शांत होने के लिए सलाह दी।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

हैशटैग ‘सेव दि आईआईटी’ का अभियान शुरू 

डींस के साथ निदेशक ने की बैठकें, होगी सुलह की कोशिशें
विवाद को शांत करने के लिए निदेशक ने फिर से कोशिशें शुरू कर दी हैं। बताया जाता है कि उन्होंने डींस के साथ बैठकें करके इस मामले में कोई रास्ता निकालने की सलाह मांगी है। ज्यादातर ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौता कराने की सलाह दी है।

हैशटैग ‘सेव दि आईआईटी’ का अभियान शुरू 
आईआईटी कानपुर को राजनीति से बचाने के लिए संस्थान के प्रोफेसरों, छात्रों और पूर्व छात्रों ने सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक, ट्विटर पर हैशटैग ‘सेव दि आईआईटी’ नाम से अभियान की शुरूआत कर दी है। इस अभियान में आम लोग भी बढ़चढ़कर शामिल हो रहे हैं। लोगों ने अपील की है कि कानपुर के इस गौरवशाली संस्थान को बचाने के लिए सभी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को ट्वीट करके, ई-मेल करके इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें