गेंजेस क्लब मे जीएसटी पर आयोजित सेमिनार मे संबोधित करतीं मुख्यवक्ता सीए रीना भार्गव
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कानपुर। जीएसटी सीए एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को आर्यनगर स्थित क्लब में जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णयों पर गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी पेशेवर (सीए या टैक्स प्रोफेशनल) की ओर से अपने क्लाइंट को दी गई व्यावसायिक सलाह को तब तक अपराध या साजिश का हिस्सा नहीं माना जा सकता जब तक कि प्रोफेशनल की स्वयं दुर्भावनापूर्ण मंशा या मिलीभगत साबित न हो।
मुख्य वक्ता सीए रेखा धमाकर ने कहा कि जांच अधिकारी केवल आर्थिक घोटाले के मामलों में संबंधित ऑडिटर से सहयोग ले सकते हैं और ऑडिटर अपने पास उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही जांच में सहयोग करने के लिए बाध्य हैं। सीए रीना भार्गव ने कहा कि जीएसटी अधिकारी संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति से ही परिसर का निरीक्षण कर सकते हैं। सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने जीएसटी काउंसिल की ओर से गिरफ्तारी संबंधी कठोर प्रावधानों को वापस लेने के फैसले को अच्छा निर्णय बताया। इस मौके पर सीए शिशिर शुक्ला, पूजा श्रीवास्तव, शैलेश शर्मा, छवि जैन, ऋतु, संजय अग्रवाल, राजेश कनोडिया, दीप कुमार मिश्र, पराग टंडन, शुभम ओमर, संकल्प भल्ला, राजीव कुमार गुप्ता, विशाल खन्ना, प्रशांत रस्तोगी, शरद सिंघल, अवधेश मिश्र आदि रहे।