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ये लापरवाही बढ़ा रही महिलाओं में बांझपन की समस्या, आप भी पढ़ें

Mon, 11 Mar 2019 12:42 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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हाई ब्लड शुगर की वजह से महिलाओं में बांझपन बढ़ रहा है। ब्लड शुगर बढ़ने के कारण अंडाणु बनने बंद हो जाते हैं। यह जानकारी वर्ल्ड जेस्टेशनल डायबिटीज डे पर रविवार को आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दी।  
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कानपुर ऑब्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी और कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के बैनर तले तिलक नगर स्थित एक होटल में ‘महिलाओं के स्वास्थ्य और गर्भावस्था में डायबिटीज के दुष्प्रभाव’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता डॉ. नंदिनी रस्तोगी और डॉ. बृजमोहन ने बताया कि जिन महिलाओं की ब्लड शुगर हाई रहती है, उनमें बांझपन का खतरा ज्यादा रहता है।
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इसके साथ ही जिन महिलाओं के परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री होती है, उनमें गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज का अधिक खतरा रहता है। यह वह अवस्था है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान महिला की ब्लड शुगर बढ़ी रहती है। इस तरह के 70 फीसदी मामलों में प्रसव के बाद ब्लड शुगर सामान्य हो जाती है। सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ, नीलम मिश्रा और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु लुंबा ने बताया कि डायबिटीज के कारण महिलाओं को फंगल संक्रमण ज्यादा होता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राशि मिश्रा ने किया।   

नवजात का वजन ज्यादा हो तो सतर्क हो जाएं
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि साढ़े तीन किग्रा या इससे अधिक वजन का बच्चा पैदा हो, तो उसकी सेहत को लेकर सतर्क रहें। ऐसे बच्चों को डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। अगर महिला 25 साल से अधिक उम्र में गर्भधारण करे, तो ब्लड शुगर की जांच जरूर कराई जानी चाहिए। 
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