फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे चंगुल में फंसेंगे टैक्स चोर, पढ़िए क्या करने जा रहा है आयकर विभाग

Fri, 27 Jan 2017 10:44 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

नोटबंदी के बाद जमा धनराशि और रिटर्न के आंकड़ों की होगी समीक्षा 
प्राइवेट कंपनियों को दिया जाएगा ठेका, नई तकनीक से होगी पड़ताल 
 
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टैक्स चोरों की सही संख्या पता लगाने और उनका आंकड़ा अलग करने के लिए आयकर विभाग जल्द ही डाटा एनालिसिस में माहिर कंपनियों का सहारा लेंगी। कंपनियां पता लगाएंगी कि नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुई राशि में कितनी काली कमाई है और कितनी मेहनत से जुटाई गई। इसके लिए खातों में जमा हुई रकम और आयकर विभाग में दाखिल रिटर्न का मिलान किया जाएगा। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने डाटा एनालिसिस के लिए आवेदन मांगे हैं। तीन फरवरी तक आवेदन दाखिल करने हैं। चुनी गई कंपनियों को खुद का सॉफ्टवेयर तैयार कर नए तरीके से आंकड़ा जुटाना और अलग करना होगा। 
विज्ञापन

 

इस तरह तैयार होगा डाटा 

डेमो
इस तरह तैयार होगा डाटा 
मसलन नोट बंदी के बाद किसी के खाते में कितनी राशि जमा हुई। उससे पहले कितनी जमा थी। जिस शख्स के खाते में रकम जमा हुई है, पिछले वर्षों में उसकी आयकर रिटर्न की स्थिति क्या है? कितनी टैक्स चोरी हुई। कौन लोग नए करदाता हो सकते हैं। खाताधारक के पास पैन है या नहीं? इस तरह से दो दर्जन से अधिक बिंदुओं को छांटना है और उसका डाटा तैयार करना है। 

 
विज्ञापन

हर खाते की हो रही जांच 

डेमो
हर खाते की हो रही जांच 
आयकर विभाग ने पिछले दिनों बैंकों से नोटबंदी के बाद जमा हुई रकम का आंकड़ा लिया था। उनमें से दो से ढाई लाख रुपये या उससे अधिक जमा रकम वाले देशभर के 60 लाख संदिग्ध खातों की जांच हो रही है। इस जांच के बावजूद एक जांच इस तरह की चल रही है कि कितने खाताधारक नए करदाता बन सकते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें