टैक्स चोरों की सही संख्या पता लगाने और उनका आंकड़ा अलग करने के लिए आयकर विभाग जल्द ही डाटा एनालिसिस में माहिर कंपनियों का सहारा लेंगी। कंपनियां पता लगाएंगी कि नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुई राशि में कितनी काली कमाई है और कितनी मेहनत से जुटाई गई। इसके लिए खातों में जमा हुई रकम और आयकर विभाग में दाखिल रिटर्न का मिलान किया जाएगा। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने डाटा एनालिसिस के लिए आवेदन मांगे हैं। तीन फरवरी तक आवेदन दाखिल करने हैं। चुनी गई कंपनियों को खुद का सॉफ्टवेयर तैयार कर नए तरीके से आंकड़ा जुटाना और अलग करना होगा।