फोटो 28:::23 अगस्त के अंक में छपी खबर की पीडीएफ
- फोटो : मिरहची से निकाली गई रानी अवंतीबाई की शोभयात्रा में बुलडोजर पर बैठकर जाते हुए युवा।
इटवा। सीएमएस ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर जिला अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंस के प्रवेश पर रोक लगा दी है। अगर अब प्राइवेट एंबुलेंस परिसर के अंदर दिखाई देते हैं तो ड्यूटी में लगे पूर्व सैनिक व होमगार्ड के वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी से अत्यंत गंभीर रोगियों को ही रेफर किया जाएगा जबकि अन्य रोगियों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
अमर उजाला ने 23 अगस्त को 98 डॉक्टरों के पद खाली, गंभीर मरीज किए जा रहे रेफर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ल ने एक पत्र जारी किया है। इसमें प्राइवेट एंबुलेंस के जिला अस्पताल परिसर में बिल्कुल रोक लगा दी है। साथ ही जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को पहले प्राथमिक उपचार किया जाए। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए कि मरीज आते ही उसे गंभीर हालत बताकर रेफर कर दिया जाए। इस तरह की शिकायत मिलती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई तय की जाएगी।