चित्रकूट जिले में मां-बेटी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने बुधवार की शाम जेल की बैरक में गमछे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना से जेल परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना पर जेल अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
जिला जेल रगौली में बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के मडैयन के मजरा तालातीर निवासी अनुसुइया उर्फ धर्मराज पटेल (59) पुत्र रामेश्वर उम्रकैद की सजा काट रहा था। धर्मराज ने बड़ी बहन और उसकी बेटी की सन 2011-12 में हत्या कर दी थी। मामले में दोषी मिलने पर उम्रकैद की सजा कोर्ट ने सुनाई थी।
उसको तीन सितंबर 2018 को बांदा जेल से रगौली जेल लाया गया था। जेल में बुधवार को दोपहर तीन बजे के आसपास बैरक नंबर 16 में फांसी के फंदे पर झूलता मिला। जेल के बंदियों ने जैसे ही उसको फांसी पर लटकता देखा तो सूचना जेल अफसरों को दी।
जेल प्रशासन ने कैदी का पोस्टमार्टम कराया है। कैदी के परिजनों ने खुदकुशी पर संदेह जताया है। उधर, जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कैदी को बैरक नंबर 16 में रखा गया था। बैरक के पीछे लगी जाली में गमछे से फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी की है।