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चित्रकूट: खाद के लिए किसानों की जद्दोजहद, सहकारी समिति गोदामों में बेकाबू हुई भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Wed, 26 Aug 2020 02:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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सहकारी समिति गोदाम में लगी किसानों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले में यूरिया का आवंटन समितियों मेें होने के बाद भी बुधवार को कई स्थानों पर एक-एक बोरी के लिए किसानों के बीच मारामारी मची रही। पहाड़ी के उत्तरी किसान सहकारी समिति में तो किसानों का सब्र का पैमाना छलक गया।
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किसान समिति का गेट जबरन खोलने की कोशिश करने लगे, पर पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत कराया। वहीं सहकारी समिति की कुछ समितियों में तो खाद बंट रही, लेकिन पीसीएफ की समितियों में ताला लगा हुआ है।

यूरिया खाद की समस्या पहाड़ी, राजापुर, मऊ, मानिकपुर, भरतकूप समेत सभी क्षेत्रों में है। जिन सहकारी समितियों में खाद बांटी जा रही, वहां पर लंबी लाइनें लगी रहती हैं। क ई बार तो मारपीट तक की नौबत आ जाती है। सभी जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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पहाड़ी गांव उत्तरी किसान सहकारी समिति में बुधवार को खाद लेने को किसान लंबी लाइन लगाए रहे। अचानक किसानों का सब्र टूट गया और समिति का गेट जबरन खोलने का प्रयास किया। मौके पर पुलिस पहुंचने पर मामला शांत हुआ। उत्तरी किसान सहकारी समिति के नोडल अधिकारी सत्यनारायण व प्रभारी भोले यादव ने बताया कि मंगलवार को 440 बोरी खाद आई थी, जिसमें 65 बोरी का वितरण किया गया था।

बुधवार को 375 बोरी का वितरण किया जा रहा है। प्रति किसान एक बोरी खाद दी जा रही है। वही दक्षिण कृषक सहकारी सेवा समिति में खाद का वितरण किया गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि आधार कार्ड के आधार पर वितरण किया जा रहा है।

एसओ पहाड़ी सुशील चंद्र शर्मा किसानों को समझाते हुए नजर आए। वही राजापुर, पहाड़ी, मऊ, भौरी, भरतकूप आदि क्षेत्र के कई समितियों में खाद न पहुंचने पर किसान निराश होकर लौट गए। भदेदू, हरदौली, ऊंचाडीह, भौरी किसानों ने बताया कि यहां पर ताला लगा रहा।
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गोदामों में रखी जा रही खाद
पीसीएफ के एक कर्मी संतोष कुमार ने बताया कि एक तरफ यूरिया खाद के दोबारा आवंटन होने के बाद गोदामोें में रखा जा रहा है। बताया कि रबी की फसल के लिए यूरिया खाद को रिजर्व के रूप में रखा गया था, लेकिन अफसरों के आदेश पर रिजर्व के रूप मेें रखी गई 316.800 मीट्रिक टन खाद को किसानों को आवंटित कर दिया गया। अब ऑवला से दोबारा आने पर निकाली गई खाद की पूर्ति के लिए गोदाम में रखा जा रहा है, ताकि रबी की फसल में समस्या न हो।

29 केंद्रों में खाद पहुंचाने का दावा
कोआपरेटिव सोसाइटी के एआर नरेंद्र सिंह ने बताया कि 732 मीट्रिक टन खाद आनी थी, जिसमें 594 एमटी खाद दो दिनों में कुल आई। 34 सहकारी केंद्रों में से 29 केंद्रों पर खाद पहुंच गई है। वही जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे का कहना कि जिन केंद्रों में खाद पहुुंच गई है, वहां पर आधार कार्ड के जरिए खाद बांटी जा रही है। व्यवस्था के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी लगाए गए है। पुलिस की व्यवस्था भी की गई है।
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