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बच्ची की बात सुन दहल गए मां-बाप, फिर स्कूल पहुंच प्रिंसिपल को जमकर पीटा

Thu, 31 Aug 2017 01:50 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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स्कूल के प्रिंसिपल साहब का कारनामा जब सामने आया तो बच्चों के अभिभावक ये जानकर सहम गए कि कहीं उनके बच्चे भी इसका शिकार तो नहीं हुए। अभी कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा (11) से ये प्रिंसिपल कुछ द‌िनाे से अजीब-अजीब हरकतें कर रहे ‌‌थे। इस बात का पता तब लगा जब वह बच्ची डर के मारे पर‌िजनों के सामने बस एक ‌ही बात की रट लगाए जा रही थी क‌ि 'अब वह कभी स्कूल नही जाएगी।'  ये बात सुनकर मां-बाप ने पूछा तो अख‌िर में राेते हुएे बच्ची ने पूरी अाप-बीती सुनाई। मां-बाप के पैरों तलें जमीन निकल गई...
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पहले भी कर चुका है एेसी कई गंदी हरकतें

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परिजनों ने बताया कि कई दिनों से छात्रा स्कूल जाने में आनाकानी कर रही थी। किसी तरह से उसे सोमवार को स्कूल भेजा था। उसने मंगलवार को दोबारा स्कूल जाने से मना कर दिया। स्कूल जाने के लिए उस पर दबाव बनाया गया। मारपीट के बाद भी वह स्कूल जाने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। बाद में छात्रा ने मां को आपबीती बताई तो यह खौफनाक सच सामना आया। छात्रा ने बताया कि उसे करीब पंद्रह दिनों से रोजाना प्रधानाध्यापक अपने कमरे में बुला रहा था और उसके शरीर पर गलत नीयत से हाथ लगाया था। विरोध पर मारने पीटने की धमकी देता था। वह कमरे में बुलाकर बच्ची से रोजाना अश्लील हरकतें करता रहा और वह डर से ये बात किसी से कह न सकी। ये सुनने के बाद परिजन भड़क गए। इन्होंने मंगलवार की सुबह स्कूल पहुंचकर प्रधानाध्यापक को पीट दिया। इसके बाद थाने में दोनों पक्षों

इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को स्कूल कैंपस में प्रधानाध्यापक को धुन दिया। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया। थाने में कई घंटे तक प्रकरण चलता रहा। तहरीर न मिलने पर पुलिस ने प्रधानाध्यापक को छोड़ दिया। वहीं बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद निलंबित कर दिया है। मामला मलवां थाना क्षेत्र के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। यहां प्रधानाध्यापक के पद पर अखिलेश कुमार तैनात हैं। स्कूल में करीब दो दर्जन ग्रामीण मंगलवार को पहुंचे। ग्रामीण प्रधानाध्यापक को कक्ष से घसीटकर बाहर ले आए। इन्होंने प्रधानाध्यापक को पीटने के बाद 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस प्रधानाध्यापक को थाने ले आई।
पहले भी कर चुका है एेसी कई गंदी हरकतें प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। छात्राओं से अश्लीलता करने के आरोप में एक बार निलंबित किया जा चुका है। प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार ने भिटौरा ब्लॉक के दीवान का पुरवा विद्यालय में करीब तीन साल पहले ऐसी हरकत की थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वहां भी पिटाई की थी। ग्रामीण प्रधानाध्यापक को मार डालने पर उतारू थे।

 

कड़ी कारवाही ना हाेने के कारण हमेशा बचता रहा 

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तनाव को देखकर तत्कालीन बीएसए ने निलंबित कर दिया था। कुछ माह बाद बहाल कर दिया गया। बहाली के बाद तेलियानी ब्लाक के इस स्कूल में तैनाती दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने कई छात्राओं से ऐसी हरकत की है। लोकलाज के भय से इन्होंने शिकायत नहीं की। 

महिलाकर्मी ने भी लगाए आरोप  

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थाने में प्रधानाध्यापक पर विद्यालय में तैनात एक महिलाकर्मी ने भी आरोप लगाया है। महिला ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक के  दिमाग में हर वक्त बदनीयती रहती है। कुछ माह पहले प्रधानाध्यापक ने रुपयों का लालच देकर अपने पास आने के लिए कहा था। उसने प्रधानाध्यापक की बात को नकार दिया था। इसके बाद वह काम के दौरान किसी न किसी बहाने से परेशान करता रहता है। 

 

तीन साल पहले पत्नी ने लगाई थी फांसी 

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प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार की पत्नी ने तीन साल पहले 26 जनवरी को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार में दो बच्चे हैं। सुसाइड नोट में पत्नी ने बच्चों का ख्याल रखने के लिए लिखा था।  चर्चा है कि पत्नी को अपने पति की हरकतों के बारे में मालूम पड़ा था। इसी से उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि मायके पक्ष ने बच्चों को देखते हुए कोई कार्रवाई नहीं की थी। 

 

परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप 

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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के बाद प्रधानाध्यापक की पैरवी में कुछ लोग पहुंचे थे। इसमें कुछ शिक्षक नेता भी थे। परिजनों का आरोप है कि पैरोकारों ने समझौते का दबाव बनाया। बेवजह दुश्मनी होने और बाद में कुछ गलत होने की बात कही। इसी दबाव में परिजन सुलह को राजी हो गए। एसओ अनूप सिंह ने बताया कि पैरवी में यूनियन के कुछ लोग आए थे। पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने बात सामने नहीं आई है। 
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कई घंटे चली पंचायत

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बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुक्ते श गुप्ता जांच करने पहुंचे। जांच के बाद बीएसए ने बताया कि रिपोर्ट में गंभीर अपराध मिलने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। बर्खास्तगी की सिफारिश की जाएगी। उधर, एसओ अनूप सिंह ने बताया कि आरोपी को कई घंटे थाने में बैठाया गया। पीड़ित परिवार के लोगों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। यह बीएसए के स्तर से होनी है। अपराधिक मामले की तहरीर न मिलने की वजह से छोड़ दिया गया है। 

-34- घटना के बाद स्कू ल के बाहर लगी भीड़।  
-36- पिटाई के बाद थाने में पहुंचा प्रधानाध्यापक । 
-कक्षा चार की छात्रा से प्रधानाध्यापक ने की दुष्कर्म की कोशिश
-ग्रामीणों ने पीटकर पुलिस को सौंपा, निलंबित किया गया, पीड़ित छात्रा के स्कूल न जाने पर खुला मामला
-पहले भी मासूम छात्राओं को बना चुका शिकार
-भिटौरा ब्लाक में तैनाती के वक्त भी ग्रामीणों ने पीटा था 
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