दुनिया भर में बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने आईआईटी कानपुर में साइबर सिक्योरिटी सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया है।
पांच साल के लिए डीएसटी ने इंस्टीट्यूट को 14.43 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। जिससे यहां साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में बेहतर रिसर्च हो सके। यही नहीं इस धनराशि से साइबर डिफेंस ऑफ क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने को भी डीएसटी ने आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट को बोला है।
कई दूसरे इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट भी करेंगे काम
साइबर सिक्योरिटी सेंटर में आईआईटी कानपुर के एक्सपर्ट के साथ आइआइटी मुंबई, आइआइटी खड़गपुर, ट्रिपल आइटी दिल्ली, एमएनआइटी जयपुर के एक्सपर्ट भी मिलकर रिसर्च करेंगे। प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर प्रो.मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए साइबर के क्षेत्र में काफी काम करने का मौका मिलेगा और छात्रों को भी इसका अनुभव प्राप्त होगा।
साइबर सिक्योरिटी पर बेहतरीन काम
आइआइटी कानपुर पूर्व में भी साइबर सिक्योरिटी पर बेहतरीन काम कर चुका है। हाल ही आइआइटी कानपुर ने साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस वीक का बड़ा प्रोग्राम आयोजित किया था। इसे पहली बार भारत कि किसी संस्थान ने आयोजित किया था। कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के प्रो. संदीप शुक्ला ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए साइबर क्राइम को रोकने के लिए काफी कुछ करने का प्रयास किया जाएगा।