जिस गांव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आ रहे हैं वहां के लोग विदेशों में अपनी साख बना रहे हैं।यहां से एक परिवार के दो सदस्य इंजीनियर बनकर विदेशों में गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। परिवार के लोग गांव के अन्य युवाओं को भी शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके साथ ही, गांव में बड़े पैमाने पर लोग शहरी क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं।
ईश्वरीगंज गांव की मेन रोड पर शिव गोपाल अवस्थी का परिवार है। उनके भाई मयंक प्रताप अवस्थी 15 साल पहले न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बस गए हैं। लंबे समय से विदेश में जॉब कर रहे मयंक अवस्थी ने अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। एचबीटीआई से एमसीए करने के बाद एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद पर कार्यरत हैं। शिव गोपाल अवस्थी का बेटा पुष्पेंद्र अवस्थी लंदन में एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उनके भाई राहुल अवस्थी ने बताया कि पुष्पेंद्र ने नोएडा के एक इंस्टीट्यूट से एमसीए किया।
वहां जॉब लगने के बाद स्पेशल पैकेज पर दो वर्ष पहले ही लंदन गए हैं। उन्हें लगभग चालीस लाख रुपये सालाना पैकेज मिल रहा है। उनकी बहन डॉ. शिवानी अवस्थी नेवी में लेफ्टिनेंट सर्जन हैं। राहुल अवस्थी का कहना है कि परिवार के सभी सदस्य पढ़े लिखे हैं। हालांकि यहां शिक्षा के स्तर में सुधार की आवश्यकता है। राष्ट्रपति का आना गांव वालों के लिए सौभाग्य की बात है। अगर गांव में रोजगार स्थापित करने का कोई प्रयास किया जाए तो युवाओं को बाहर नहीं निकलना पड़ेगा।
विदेश से आएगा बेटा
शिवगोपाल अवस्थी का कहना है कि राष्ट्रपति आने की सूचना बेटे पुष्पेंद्र को दी गई है। वह काफी उत्साहित है। पिछले जिला पंचायत चुनाव के दौरान वह आया था। राष्ट्रपति को अपने गांव में देखने के लिए वह यहां आने की बात कर रहा है।
बैंक वाला बउआ अइहै
गांव के रामकिशुन के बड़े बेटे शिवली में स्टेट बैंक में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति का देखन के लिए बैंक वाला बउआ अइहै। पहली बार ऐसा कार्यक्रम हो रहा है। जिसके लिए गांव का रूप बदल दिया गया।