अ स्टार्टअप निर्माण’ एग्रिप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव
कानपुर में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में अमर उजाला, सीएसए और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्थान : अ स्टार्टअप निर्माण’ एग्रिप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव का बुधवार को आगाज हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कृषि एवं कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया। यहां उन्होंने गांव-गांव में स्टार्टअप शुरू कराने का एलान किया। कहा कि ग्रामीणों, किसानों के आइडिया को उद्यमिता और स्टार्टअप में बदलने के लिए कृषि विभाग काम करेगा।
इसके लिए सभी जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों को हाईटेक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मंच से ही कृषि मंत्री ने छह जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों को 16 करोड़ रुपये देने का एलान कर दिया। इसमें रायबरेली, फतेहपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी और कन्नौज के कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा 12 कृषि विज्ञान केंद्रों को कृषि एंबुलेंस सेवा से लैस करने का भी एलान किया। बताया कि इस एंबुलेंस के जरिए कृषि वैज्ञानिक गांव-गांव में किसानों की समस्याओं को दूर करने का काम करेंगे।
कृषि मंत्री शाही ने कहा कि यह लोगों का भ्रम है कि स्टार्टअप केवल तकनीक के क्षेत्र में ही कर सकते हैं। कृषि, फूड, सर्विस सहित कई ऐसे सेक्टर हैं जहां लोग अगर स्टार्टअप शुरू करें तो काफी अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को भी अपनी समस्याओं के समाधान का सरल तरीका खोजकर उसे स्टार्टअप का रूप देने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रदेश के सेवा योजन मंत्री मनोहर लाल और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. धीरज सांघी भी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएसए के कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने की। कॉन्क्लेव के आयोजन सचिव प्रो. वेद रत्न ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान डीन कृषि संकाय प्रो. पूनम सिंह, निदेशक प्रसार प्रो. धूम सिंह, निदेशक शोध प्रो. एचजी प्रकाश, निदेशक प्रशासन प्रो. मुनीश गंगवार, संयुक्त निदेशक शोध प्रो. डीपी सिंह, डॉ. मुक्ता गर्ग, डॉ. सीमा सोनकर, प्रो. जीएस परिहार, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. रीतू पांडेय, डॉ. विवेक त्रिपाठी, डॉ. आशीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।