व्यापक अग्नि जोखिम मूल्यांकन योजना विकसित करें
सूबे के राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने डीएम विशाख जी. और नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन को आदेश दिए हैं कि वे आग के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों, संभावित खतरों की पहचान करें और शहर की कमजोरियों को समझने के लिए व्यापक अग्नि जोखिम मूल्यांकन योजना विकसित करें।
शहर को अग्निरोधी बनाने के लिए ये काम होंगे
- उद्योगों विशेष तौर पर खतरनाक उद्योगों का निरीक्षण करें। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा, आपातकालीन प्रोटोकाल बनाएं।
- अग्निकांड के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली लागू करें, ताकि इमरजेंसी पड़ने पर तत्काल लोगों को सूचना दी जा सके।
- समय-समय पर मॉकड्रिल करें। विभागों में आपसी सामंजस्य हो।
- आपदा के बाद पुनर्स्थापना से लेकर पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक सहायता दें।
- बदलती परिस्थितियों और जरूरतों की समय-समय पर समीक्षा कर सुधार करें।
- बुनियादी ढांचा मजबूत करते हुए अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो।
- जरूरत के हिसाब से दमकल विभाग आधुनिक और संसाधनयुक्त हो।
- आग लगने पर राहत, निकासी मार्ग, आपातकालीन संपर्क नंबर, विभागों के बीच समन्वय हो।
- शहरवासियों में जागरूकता के साथ ही सामुदायिक भागीदारी के प्रयास हों।
- आग की रोकथाम के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, नवाचार में निवेश करें।
- उपकरणों, प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे में सुधार सहित पर्याप्त धन, संसाधन सुनिश्चित हो।