प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का काम अप्रैल से शुरू होगा। केस्को के सॉफ्टवेयर में बदलाव न होने से मीटर लगाने के काम में देरी हो रही है। इसी माह के अंत तक सिक्योर कंपनी भी अपना सेटअप तैयार कर लेगी। स्को ने फरवरी से प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की बात कही थी। पहले चरण में तीन हजार लोगों के यहां मीटर लगने हैं।
इसके लिए जनवरी में लोगों ने आवेदन कर दिए थे। चार किलोवाट तक के मीटर की कीमत छह हजार रुपये और पांच किलोवाट से ऊपर के मीटर की कीमत 12 हजार रुपये है। प्रीपेड मीटर लगवाने वाले कंज्यूमर्स को केस्को में जमा सिक्योरिटी मनी वापस या फिर बकाए बिल में समायोजित कर दी जाएगी।
सिक्योरिटी मनी में बदलाव होता रहा है। इस समय नए कनेक्शन पर 350 रुपये प्रति किलोवाट सिक्योरिटी मनी है। पुराने मीटर का कोई पैसा नहीं मिलेगा। दरअसल प्रीपेड बिजली मीटर लगते ही कंज्यूमर्स का केस्को से हिसाब-किताब बंद हो जाएगा। इसी कारण केस्को को अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करना पड़ रहा है।
मीटर लगवाने वालों की ऑनलाइन बिलिंग बंद कर दी जाएगी। एमडी सेल्वा कुमार जे ने बताया कि इसी माह के अंत तक सिक्योर कंपनी अपना सेटअप तैयार कर लेगी। केस्को के सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव हो जाएंगे। यह काम पूरे होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से प्रीपेड बिजली मीटर लगने लगेंगे।
आवेदन करने वालों के स्पॉट की चेकिंग के बाद ही प्रीपेड मीटर लगवाए जाएंगे। देखा जाएगा कि वहां बिजली चोरी की कोई गुंजाइश तो नहीं है।